आवास सर्वे में धांधली का आरोप: पात्र गरीबों के नाम काटे, पक्के मकान वालों को मिला लाभ; शालिनी सिंह पटेल ने दी आंदोलन की चेतावनी
आवास सर्वे में धांधली का आरोप: पात्र गरीबों के नाम काटे, पक्के मकान वालों को मिला लाभ; शालिनी सिंह पटेल ने दी आंदोलन की चेतावनी

आवास सर्वे में धांधली का आरोप: पात्र गरीबों के नाम काटे, पक्के मकान वालों को मिला लाभ; शालिनी सिंह पटेल ने दी आंदोलन की चेतावनी
रिश्वत न देने पर सूची से नाम हटाने की शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग
शालिनी सिंह पटेल बोलीं— दोबारा हो पारदर्शी सर्वे, वरना सड़कों पर उतरेगी जनता
बांदा। योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी 
जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य आवासीय योजनाओं के तहत कराए गए सर्वे को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि सर्वे के दौरान जिन गरीब और जरूरतमंद ग्रामीणों के कच्चे मकानों की तस्वीरें लेकर उन्हें पात्र पाया गया था, सूची जारी होते ही उनके नाम गायब कर दिए गए। वहीं दूसरी ओर, जिनके पहले से पक्के मकान बने हुए हैं, उन्हें योजना का लाभ देने की तैयारी कर ली गई है।
मामले को लेकर शालिनी सिंह पटेल ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पूरे जनपद में दोबारा निष्पक्ष सर्वे कराने की मांग उठाई है।
रिश्वत न देने पर नाम काटने का आरोप
शालिनी सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि कई गांवों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं जहां ग्राम प्रधान को कथित रूप से सुविधा शुल्क (पैसा) न देने वाले वास्तविक पात्रों के नाम जानबूझकर सूची से बाहर कर दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का मकसद पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक छत पहुंचाना है, लेकिन बिचौलियों और भ्रष्टाचार के चलते असली गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने आवास के नाम पर अवैध वसूली के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रमुख मांगें:
निष्पक्ष पुनर्सर्वे: पूरे जिले में फिर से सर्वे कराया जाए और पूर्व में खींची गई तस्वीरों के आधार पर वास्तविक पात्रों को सूची में जोड़ा जाए।
अपात्रों की जांच: पक्के मकान वाले जिन अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल हैं, उनकी सघन जांच कर नाम हटाए जाएं।
पारदर्शिता: आवास योजना की पूरी सूची ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक की जाए, ताकि ग्रामीणों को पता चल सके कि किस आधार पर नाम शामिल या खारिज किए गए।
हक की लड़ाई के लिए जनआंदोलन की चेतावनी
शालिनी सिंह पटेल ने ग्रामीणों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि गरीबों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी कि यदि पात्र गरीबों के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए, तो वह जरूरतमंद परिवारों के साथ मिलकर जिले भर में बड़ा जनआंदोलन शुरू करेंगी और गांव-गांव जाकर इस लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाएंगी।
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