तुर्रा गौशाला में नंदी महाराज के शव के साथ अमानवीयता
तुर्रा गौशाला में नंदी महाराज के शव के साथ अमानवीयता

तुर्रा गौशाला में नंदी महाराज के शव के साथ अमानवीयता एवं जनपद में गोवंश की दुर्दशा के विरोध में विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा ने SDM अतर्रा को सौंपा ज्ञापन
बांदा योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी
जनपद बांदा के नरैनी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत तुर्रा* की राजकीय गौशाला में *नंदी महाराज* के मृत शरीर के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार एवं पूरे जनपद में गोवंश की दुर्दशा के विरोध में आज *विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा, बांदा* का प्रतिनिधिमंडल *अपर जिलाधिकारी, अतर्रा* को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्यवाही की मांग की।
#### *घटना का सार:*
दिनांक *20 जुलाई 2026* को तुर्रा गौशाला में नंदी महाराज की मृत्यु हो गई। गौशाला प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण शव 3 दिन तक परिसर में पड़ा सड़ता रहा।
दिनांक *23 जुलाई 2026* को *ग्राम प्रधान द्वारा ट्रैक्टर-ट्राली से नंदी महाराज के शव को रस्सी से बांधकर सार्वजनिक मार्ग पर घसीटवाते हुए जंगल में फिंकवा दिया गया*।
#### *जनपद की व्यापक समस्या:*
*जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति* ने कहा कि तुर्रा की घटना अकेली नहीं है। वर्तमान में बांदा जनपद की सड़कों, हाईवे और बाजारों में *गोवंश आवारा घूम रहे हैं*। गौशालाओं में स्थान न होने और रखरखाव के अभाव के कारण गोवंश को खुला छोड़ दिया जा रहा है।
इसके परिणामस्वरूप *रोजाना सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें गोवंश की मृत्यु हो रही है और कई निर्दोष नागरिक भी घायल हो रहे हैं*। करोड़ों का बजट खर्च होने के बाद भी प्रशासन गोवंश को न तो संरक्षण दे पा रहा है और न ही मृत गोवंश का सम्मानजनक निस्तारण कर पा रहा है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
#### *संगठन की 5 प्रमुख मांगें:*
1. *FIR व गिरफ्तारी*: तुर्रा प्रकरण के दोषी ग्राम प्रधान, सचिव, गौशाला प्रभारी व लापरवाह अधिकारियों पर *गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम 1960 व IPC 429* में त्काल FIR दर्ज कर गिरफ्तारी हो।
2. *मजिस्ट्रियल जांच*: तुर्रा गौशाला सहित जनपद की सभी गौशालाओं की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को बर्खास्त किया जाए।
3. *सड़क सुरक्षा योजना*: 15 दिन के अंदर जनपद की सड़कों से आवारा गोवंश हटाकर उन्हें गौशालाओं में संरक्षित किया जाए। हाईवे पर रिफ्लेक्टर बेल्ट और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
4. *SOP लागू हो*: मृत गोवंश के सम्मानजनक निस्तारण हेतु 7 दिन में नीति बनाकर प्रत्येक गौशाला में लागू की जाए।
5. *आख्या*: की गई कार्यवाही की आख्या 48 घंटे में संगठन को उपलब्ध कराई जाए।
ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रशासन ने 3 दिन में जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया। इस मौके में उपस्थित जिला उपाध्यक्ष शिव प्रसाद गुप्ता वासुदेव गौतम प्रीतम सिंह सचिन तिवारी राहुल तिवारी हरिओम गुप्ता नीरज सिंह रूपौलिया साहिल त्रिपाठी सौरभ त्रिपाठी गोपाल गौतम विष्णु श्रीवास्तव भोला सिंह रज्जू पांडे कुंवर गोलू आदि कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे
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