बदहाली का आंसू रो रहा बाँदा का औद्योगिक क्षेत्र, महीनों से अनदेखी से उद्यमियों में भारी आक्रोश।
बदहाली का आंसू रो रहा बाँदा का औद्योगिक क्षेत्र, महीनों से अनदेखी से उद्यमियों में भारी आक्रोश।

बदहाली का आंसू रो रहा बाँदा का औद्योगिक क्षेत्र, महीनों से अनदेखी से उद्यमियों में भारी आक्रोश।
योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी बांदा 
जिला औद्योगिक विकास संगठन ने डीएम और यूपीसीडा (UPSIDA) के मुख्य कार्यपालक को लिखा पत्र।
बिजली, सड़क, जलभराव और सुरक्षा जैसी 8 प्रमुख समस्याओं से व्यापार हो रहा चौपट।
पूर्व में की गई शिकायतों पर नहीं हुआ कोई एक्शन, उद्यमियों ने जल्द समाधान की उठाई मांग।
बाँदा (ख़ास ख़बर):
जिले के औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव के चलते उद्यमी वर्ग भारी परेशानियों का सामना कर रहा है। महीनों से व्याप्त समस्याओं का कोई समाधान न होने पर ‘जिला औद्योगिक विकास संगठन, बाँदा’ ने एक बार फिर कड़ा ऐतराज जताते हुए शासन-प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है।
संगठन ने जिलाधिकारी बाँदा, रीजनल मैनेजर और मुख्य कार्यपालक यूपीसीडा (कानपुर) को पत्र लिखकर औद्योगिक क्षेत्र की बदहाली तत्काल दूर करने की गुहार लगाई है।
अंधेरे और जलभराव में डूब रहा व्यापार
उद्यमियों द्वारा सौंपे गए पत्र में बताया गया है कि औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। मुख्य रूप से 8 प्रमुख समस्याएं व्यापार में रोड़ा बन रही हैं:
विद्युत संकट: क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या।
सुरक्षा व्यवस्था: औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का अभाव।
रोड लाइट: स्ट्रीट लाइटें खराब होने से रात के समय क्षेत्र में पसरा रहता है अंधेरा।
जलभराव: जरा सी बारिश में या सामान्य दिनों में भी सड़कों पर पानी भर जाना।
जर्जर सड़कें: खस्ताहाल सड़कों के कारण माल ढुलाई और आवागमन में भारी दिक्कत।
जल निकासी: सड़कों पर जल निकासी का कोई उचित प्रबंध न होना।
टूटे गेट व नालियां: मुख्य गेट जर्जर हैं और नालियां टूट चुकी हैं।
सफाई का अभाव: नालियों की नियमित सफाई न होने से बजबजाती गंदगी।
सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान शून्य
संगठन ने स्पष्ट किया है कि इन विकट समस्याओं के बारे में संबंधित अधिकारियों को पूर्व में भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक किसी भी स्तर पर कोई निस्तारण नहीं किया गया। बुनियादी सुविधाओं के इस अभाव के कारण उद्यमियों को अपना व्यापार संचालित करने में भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उद्यमियों ने पत्र के माध्यम से पुनः निवेदन किया है कि प्रशासन और यूपीसीडा जल्द से जल्द इन समस्याओं का संज्ञान लेकर समाधान करे, ताकि औद्योगिक क्षेत्र का विकास हो सके और व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें। यदि अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो उद्यमियों का काम करना असंभव हो जाएगा।
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