65 वर्षीय बुजुर्ग की इलाज के दौरान हुई मौत। परिजनों ने डाॅक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप, खूब हुआ हंगामा।
65 वर्षीय बुजुर्ग की इलाज के दौरान हुई मौत। परिजनों ने डाॅक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप, खूब हुआ हंगामा।

*संवाददाता :-* विकास कुमार सहरसा (बिहार)।
*एंकर :-* खबर बिहार के सहरसा से है जहाँ बीते देर रात शनिवार 4 फरवरी को 65 वर्षीय बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गयी।परिजन का आरोप डॉ की लापरवाही से मौत हुई है।मौत को लेकर आक्रोषित परिजन और,स्वास्थ्य कर्मी में जमकर मारपिट हुई है जिसमें एक स्वास्थ्य कर्मी जख्मी हो गया।मारपिट के बाद डॉ, स्वास्थ्य कर्मी सदर अस्पताल से फरार हो गया।वहीं इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और मामला को शांत कराया।
बतातें चलें कि बीते देर रात जिले के सदर थाना क्षेत्र के गोबरगढा गांव का रहने वाला 65 वर्षीय बुजुर्ग शिवनंदन गोस्वामी को उनके पुत्र मुकेश गोस्वामी ने दम फूलने को लेकर सदर अस्पताल में भर्ती करवाया।जहां तकरीबन आधे घण्टे के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।उसके बाद परिजन आक्रोषित हो गए और डॉ, स्वास्थ्य कर्मी से नोक झोंक होने लगी।उसके बाद मारपिट शुरू हो गयी।वहीं मारपिट के बाद स्वास्थ्य कर्मी और डॉ अपनी ड्यूटी छोड़ फरार हो गया इस घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन के द्वारा पुलिस को सूचना दी गयी।सूचना मिलते ही पुलिस सदर अस्पताल पहुंचकर घंटों मशक्त के बाद मामले को शांत कराया।उसके बाद परिजन को समझा बुझाकर शव को एम्बुलेंस में रखवाकर परिजन को सौंप दिया।
वहीं मृतक के पुत्र मुकेश गोस्वामी की माने तो देर शाम तकरीबन 8 बजे मेरे पापा खाना खाकर सोने गए थे।थोड़ी देर के बाद पापा को दम फूलने लगा।उसके बाद पापा को सदर अस्पताल लाये ।सदर अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं था उसके बाद डॉ को बोले ऑक्सीजन नहीं है तो डॉ ने बताया कि गार्ड को बुलाइये ।हम बोले क्यों गार्ड को बुलाएंगे आपका काम है आप बुलाइये।उसके बाद बगल के बेड पर एक बूढ़े पेसेंट को ऑक्सीजन लगा हुआ था और उक्त पेसेंट ठीक था।उसी पेसेंट का ऑक्सीजन खोलकर लगाया गया।थोड़ी देर के बाद उनका छटपटी कम नहीं हो रहा था ,उसके बाद जब डॉ को बोला गया तो वो बोले जो दो तीन घण्टे में आराम हो जाएगा।लेकिन डॉ पेसेंट को देखने नहीं गया।उन्होंने ये भी बताया कि अगर डॉ मेरे पिताजी का सही से इलाज करते और बीपी को चेक करते तो मेरा पिता बच सकता था।मेरे पिता की मौत डॉ की लापरवाही से हुई है।
डॉ से मारपीट और तोड़ फोड़ को लेकर जब मृतक के पुत्र से सवाल किया तो उन्होंने बताया कि हमलोग तोड़ फोड़ या डॉ से मारपीट नहीं किये हैं।बल्कि डॉ और स्वास्थ्य कर्मी मिलकर मेरा कॉलर पकड़कर मारपिट किया और गाली गलौज किया।साथ ही साथ जेल भी भेजने की धमकी दिया।
वहीं ड्यूटी पर तैनात डॉ जे डे शर्मा ने बताया कि पेसेंट सीरियस में भर्ती हुआ था।जिसका ट्रीटमेंट हमलोग कर ही रहे थे ऑक्सीजन भी लगा हुआ था।।उसके बाद परिजन अपने पेसेंट को कहीं बाहर प्राइवेट में ले जाना चाह रहा था।और पेसेंट का ऑक्सीजन खोलकर इमरजेंसी रूम से बाहर ले गया।जहां पेसेंट की मौत हो गयी।मौत के बाद परिजन हंगामा करने लगे।हंगामा होते देख हमलोग जान बचाकर भाग गए।

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