NIOS प्रशिक्षित शिक्षकों ने एक सुर में भरी हुंकार
NIOS प्रशिक्षित शिक्षकों ने एक सुर में भरी हुंकार

●NIOS प्रशिक्षित शिक्षकों ने एक सुर में भरी हुंकार..●
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सड़क से सदन और कोर्ट तक होगी सरकार से आर-पार।
आलोक बादल ब्यूरो चीफ आवाज इंडिया सुपौल बिहार
कालरात्रि से घबराकर, ऊषा जय मुकुट नहीं लाती
कोई पीढ़ी सोते रहने से, अपना लक्ष्य नहीं पाती ।
हम बढ़े हमेशा कठिन डगर, अँधियारा चाहे छाया है,
हमने तो संघर्षों से ही लक्ष्य-शिखर को पाया है।
आज बिहार के लगभग सभी जिलों में NIOS प्रशिक्षित शिक्षकों के वर्तमान ज्वलन्त मुद्दे को लेकर राज्य संघ(TSUNSS) गोप गुट पटना के आह्वान पर बैठक का आयोजन किया गया। जिसके तहत सुपौल जिला में भी लखीचंद साहू उच्च माध्यमिक विद्यालय सिमराही के प्रांगण में अपराह्न 1:30 से बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में NIOS के ज्वलन्त मुद्दे वेतन कटौती कर नवनियुक्त के श्रेणी में डालने हेतु बिहार सरकार एवं शिक्षा विभाग के तुगलकी फरमान के विरुद्ध लड़ाई लड़ने हेतु सभी शिक्षकों ने एक स्वर में दृढ़ संकल्पता का परिचय दिया। दो घण्टे के गहन चर्चें में सभी शिक्षकों ने अहम बिंदुओं पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखें। NIOS के मुद्दे पर हमारी लड़ाई केवल 31 मार्च 2019 तक प्रशिक्षित होने तक ही नहीं रह गया है बल्कि हमारी NIOS की लड़ाई फरवरी 2019 में प्रशिक्षण पूरी कर विरमन तिथि से ग्रेड पे अर्थात प्रशिक्षित वेतन देने का हो गया है। जिसे हम किसी भी कीमत पर हासिल कर के मानेंगे। चाहें इसके लिए सड़क, सदन अथवा कोर्ट का ही दरवाजा क्यों न खटखटाना पड़े। हम NIOS प्रशिक्षित शिक्षक साथी एक कदम भी पीछे नहीं हट सकते है।मौके पर उपस्थित सभी शिक्षक साथियों ने इसे एक स्वर में शिक्षक राजनीति से दूर रखते हुए एकरूपता के तहत लड़ने की बात कही। सभी साथियों ने तन-मन और धन से इस मुहिम को सफलता के अंतिम पायदान पर पहुँचने तक साथ देने का वादा किया एवं एक-एक NIOS पीड़ित शिक्षक साथियों को एक दूसरे से जोड़ने हेतु दृढ़ संकल्पित हुए। अब 23 फरवरी 2023 को सभी शिक्षकगण अपनी चट्टानी एकता का परिचय देते हुए NIOS के क्षेत्रीय कार्यालय पटना का घेराव करेंगे।जिसमें बिहार के 38 जिलों के NIOS पीड़ित शिक्षक साथी भाग लेंगे और वहीं से NIOS की आगे की लड़ाई हेतु अंतिम बिगुल फूंकी जाएगी।
निदेशक प्राथमिक शिक्षा द्वारा जारी पत्र ने एनआईओएस से प्रशिक्षण प्राप्त/उत्तीर्ण शिक्षकों के बीच हलचल पैदा कर दी है। दरअसल पत्र के आलोक मे विभिन्न जिलों के डीईओ एवं डीपीओ स्थापना ने 31 मार्च 2019 के बाद प्रशिक्षित शिक्षकों को नवनियुक्त मानते हुए उनके वेतन मे लगभग पांच से सात हजार कटौती की बात कर रहे है। एनआईओएस द्वारा विशेष डीएलएड प्रशिक्षण सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को एकसाथ सत्र 2017-19 मे कराया गया जो कि एक समयबद्ध प्रशिक्षण था वो भी 18 माह का। केंद्रीय अध्यादेश के तहत संपूर्ण देश मे एक साथ सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को एनआईओएस के माध्यम से प्रशिक्षण कराया एवं प्रशिक्षण तथा परीक्षा 31 मार्च 2019 से पहले ही पूरा हो गया।
निदेशक प्राथमिक शिक्षा द्वारा जारी पत्र ने वैसे तमाम शिक्षकों को नवनियुक्त की श्रेणी मे ला खड़ा किया है जिनका परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि 31 मार्च 2019 के बाद की है यानि सभी एनआईओएस प्रशिक्षित शिक्षक इस श्रेणी मे आ रहे है।
शिक्षकों का इसमे कहीं कोई दोष नही है। रिजल्ट प्रकाशन का जिम्मा एनआईओएस का था जिसका राज्य स्तर पर नोडल ऑफिसर के रूप मे निदेशक प्राथमिक शिक्षा ही थे। हम शिक्षकों का अहित बर्दाश्त नही कर सकते । यह आंदोलन तबतक चलता रहेगा जबतक विभाग हमे 31 मार्च 2019 से प्रशिक्षित नही मान लेता।
#रे_तलवार_तुझे_झुकना_होगा_गर्दन_ने_बगावत_कर_ली_है।
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“दरिया अब तेरी खैर नहीं बूंदों ने बगावत कर ली है, नादान न समझ ऐ बुजदिल इनको, लहरों ने बगावत कर ली है, हम परवाने हैं मौत समां, मरने का किसको खौफ यहाँ, रे तलवार तुझे झुकना होगा गर्दन ने बगावत कर ली है।
सधन्यवाद !
TSUNSS प्रखंड इकाई सुपौल बिहार।

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