सहरसा बिहार स्वास्थ्य मंत्री सहरसा में और अज्ञात शव को रस्सी से बांधकर ढो रहे हैं पुलिस
स्वास्थ्य मंत्री सहरसा में और अज्ञात शव को रस्सी से बांधकर ढो रहे हैं पुलिस

*संवाददाता :-* विकास कुमार सहरसा (बिहार)।
*एंकर :-* कहते हैं जब आलाकमान सामने हो तो सरकार के सभी सिस्टम सही तरीके से कार्य करती है। लेकिन सहरसा के सोनवर्षा कचहरी ओपी पुलिस द्वारा एक संवेदनहीनता का मामला सामने आया है जबकि बिहार के उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ मंत्री तेजस्वी यादव भी सहरसा में है। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहरसा एवं मधेपुरा के दौरे पर हैं और सोनवर्षा कचहरी क्षेत्र अन्तर्गत परमनिया होल्ट के समीप एक लावारिस शव बरामद हुआ। सोनवर्षा कचहरी के ओपी अध्यक्ष ने एक टेम्पू में उक्त शव को रस्सी से बंधवा दिया और विना किसी थाने के अधिकारियों को टेम्पू पर बैठाए सहरसा पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।
लावारिश लाश को ऑटो के पीछे लादकर तकरीबन 06 किलोमीटर की दूरी तय कर मृत जानवर की तरह शव को रस्सी से बांधकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया।इतना ही नही लाश लदा ऑटो पर पुलिसकर्मी बैठना तक मुनासिब नही समझे और बगैर पुलिस के ही ऑटो पर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया।इस बाबत ऑटो चालक और उसके सहयोगी की माने तो सोनवर्सा कचहरी ओपी प्रभारी के निर्देश पर शव को ऑटो पर लादा गया और रस्सी से बांधकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शव को लाया गया है।पोस्टमार्टम हाउस के समीप चौकीदार से रस्सी से बांधकर शव लाने के मामले को लेकर जब सवाल किया गया तो चौकीदार उन्होंने कहा कि परमिनिया गांव के गेहूं खेत से लावारिश शव बरामद किया गया है वहीं पुलिस प्रक्रिया के बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को सदर अस्पताल लाया गया है।उन्होंने कहा कि रस्सी से बांधकर शव लाना उचित नहीं बड़ा बाबु के निर्देश पर हमने ऐसा किया है। हालांकि जिस तरह से लावारिश शव को सोनवर्सा कचहरी पुलिस के द्वारा शव को रस्सी से बांधकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया कहीं न कहीं पुलिस की संवेदनहीनता को दर्शाता है और सरकार के सिस्टम पर भी सवालिया निशाना उठता है।

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