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निःशुल्क नेत्र शिविर में 356 लोगों की जांच, 150 को मिले चश्मे, 14 मरीज ऑपरेशन के लिए भेजे गए

निःशुल्क नेत्र शिविर में 356 लोगों की जांच, 150 को मिले चश्मे, 14 मरीज ऑपरेशन के लिए भेजे गए

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निःशुल्क नेत्र शिविर में 356 लोगों की जांच, 150 को मिले चश्मे, 14 मरीज ऑपरेशन के लिए भेजे गए

मंडल प्रभारी गंगाप्रसाद करवरिया

चित्रकूट, 29 मार्च। श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट जानकीकुंड के तत्वावधान में सेवा भारती के सहयोग से शास्त्री नगर स्थित राजपूत शिक्षा मंदिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय में रविवार को निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन भाजपा जिला अध्यक्ष महेंद्र कोटार्य ने फीता काटकर किया। इसके बाद उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
शिविर में कुल 356 लोगों की आंखों की जांच की गई। इनमें से 150 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए, जबकि 102 लोगों को आई ड्रॉप और करीब 100 लोगों को दवाएं दी गईं। मोतियाबिंद से ग्रसित 20 मरीजों की पहचान की गई, जिनमें से 14 मरीजों को ऑपरेशन के लिए जानकीकुंड चिकित्सालय भेजा गया।

इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष महेंद्र कोटार्य ने कहा कि शास्त्री नगर वार्ड के शोभा सिंह का पुरवा क्षेत्र में अनुसूचित जाति की बस्ती है, जहां आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि यहां शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी है, ऐसे में इस प्रकार के शिविर अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने सभासद शंकर प्रसाद यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

सेवा भारती के महामंत्री राज किशोर शिवहरे ने बताया कि संस्था लगातार सेवा बस्तियों में विभिन्न शिविर आयोजित कर जरूरतमंदों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने समाज में समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ नशा मुक्ति पर भी जोर दिया।

शिविर संयोजक एवं सभासद शंकर प्रसाद यादव ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं और हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

चिकित्सालय टीम के प्रभारी उमाशंकर शुक्ल ने कहा कि आंखों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि 40 वर्ष के बाद दृष्टि कमजोर होना सामान्य है और 50 वर्ष के बाद मोतियाबिंद की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में वर्ष में कम से कम एक बार आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए, खासकर डायबिटीज के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

पूर्व बैंक प्रबंधक ईश्वरी प्रसाद राजपूत और हजारी प्रसाद राजपूत ने शिविर को जरूरतमंदों के लिए वरदान बताते हुए कहा कि इससे बुजुर्गों को नई रोशनी मिलेगी और उनका जीवन आसान होगा।
शिविर के सफल आयोजन में सेवा भारती के शिवकुमार, विद्यालय प्रबंधक जागेश्वर प्रसाद राजपूत, प्रधानाचार्या कल्पना राजपूत, प्रेमचंद यादव, कीर्ति सिंह, गीता मिश्रा, कन्हैया लाल सहित अन्य लोगों का सराहनीय योगदान रहा।

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