सहरसा बिहार पतरघट पुलिस की जीप कभी भी हो जाता है खराब। धक्का मारकर होता है स्टार्ट। जिसका वीडियो हुआ वायरल।
पतरघट पुलिस की जीप कभी भी हो जाता है खराब। धक्का मारकर होता है स्टार्ट। जिसका वीडियो हुआ वायरल।

*संवाददाता :-* विकास कुमार सहरसा (बिहार)।
*एंकर :-* एक तरफ सरकार पुलिस को तमाम संसाधनों से लैस कराने का दावा करती है। तो दूसरी तरफ थानों के बाहर सरकार के दावे का पोल खुल जाता हैं। आलम यह है कि सहरसा जिले के पतरघट ओपी की सरकारी जीप है जो धक्का लगने से स्टार्ट होती है। लोगों को अक्सर सड़कों पर गाड़ी में धक्का मारते हुए देखा है। जब कभी सड़के पर गाड़ी खराब हो जाती हैं। उस समय धक्का मार कर ही गाड़ी को आगे बढ़ाया जाता है। पर आम लोग ऐसा करें तो समझ में बात आती है।मगर जिनके हाथों में इलाके की सुरक्षा की कमान हो और जिन्हें हर समय किसी जरूरतमंद की सहायता के लिए तैयार रहना होता हो अगर उनकी गाड़ी को धक्का लगाना पड़े तो सुरक्षा व्यवस्था की ढिलाई को लेकर बहुत सारे सवाल खड़े हो जाते हैं। ऐसी गाड़ियां कब धोखा दे जाए, इसका कोई ठिकाना नहीं।
यह तस्वीर तब की है, जब बुधवार की दोपहर पतरघट पुलिस शराब तस्कर को धबौली पश्चिमी पंचायत के कहरा बस्ती से गिरफ्तार कर पतरघट ओपी पर लेकर जा रहे थे। तभी गाड़ी स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा धक्का देकर स्टार्ट किया। इस दौरान लोग पुलिस की चुटकी भी ले रहे थे। इससे बिहार पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है। एक तरफ शातिर अपराधी नई और हाई टेक गाड़ियों का प्रयोग कर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, वहीं पुलिस की गाड़ी का हाल बेहाल है।
अब सबसे बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या इस तरह से पुलिस अपराधी को पकड़ने में कामयाबी हासिल कर पाएगी? क्या इस वाहन से क्राइम कंट्रोल करेंगे ? एक तरफ तो वरीय अधिकारी क्राइम कंट्रोल को लेकर लगातार नई नई रणनीति तैयार करते हैं। वहीं दूसरी तरफ पुलिस की गाड़ी ही धोखा दे जाती है। सोचिए, अगर उस समय किसी वारदात की सूचना मिली होती तो क्या होता। ऐसी गाड़ी से पुलिस कब तक घटनास्थल पर पहुंचती। अपराधी को कैसे पकड़ते। पुलिस की गाड़ी की ऐसी हालत देखकर क्राइम कंट्रोल और अपराधी पकड़ने के दावे बेमानी साबित हो रहे हैं।

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