वजीरपुर राजस्थान कृष्ण की सजाई झांकी सुनाई बाल लीला- भागवताचार्य नवलकिशोर
कृष्ण की सजाई झांकी सुनाई बाल लीला- भागवताचार्य नवलकिशोर

कृष्ण की सजाई झांकी सुनाई बाल लीला- भागवताचार्य नवलकिशोर
महेश चन्द्र शर्मा
वजीरपुर, मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के बिलौआ गांव के पुरातन मंदिर पर संत श्री रामकिंकर दास महाराज के सान्निध्य में चल रही श्री मद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के पांचवे दिवस सोमवार को कृष्ण जन्म की झांकी सजाई गई। जिसे पांण्ड़ाल में सनातन मंदिर के मठाधीश रामकिंकर महाराज लेकर पहुंचे। भागवताचार्य नवलकिशोर शास्त्री ने शिव विवाह,राम विवाह के बारे बताते हुए वासुदेव देवकी के विवाह को विस्तार से सुनाया। इस अवसर पर आकाशवाणी होने पर कंस ने अपनी बहिन देवकी व वासुदेव को कारागार में ड़ाल दिया। उन्होंने कहा कि आठवे पुत्र के रूप में कृष्ण का जन्म होने पर वासुदेव की हथकड़ी खुल गई।द्वारपाल सो गए। अपने बालक को लेकर नन्द गांव पहुंचे।रास्ते में यमुना ने उफान लिया कृष्ण के पैर छूकर वासुदेव को मार्ग दिया। नंदगांव पहुंचे। इधर नंदबाबा के लड़की का जन्म हुआ।उसे लेकर अपने पुत्र को छोड़कर मथुरा आए। कारागार में जाकर पुत्री को देवकी को दिया । उनके फिर से हथकड़ी लग गई । द्वारपाल जागे। बालक की आबाज सुनी तो सैनिक सूचना देने कंस के पास गए।कंस कारागार में आया तो देवकी ने कहा कि पुत्र नही पुत्री है,लेकिन कंस नही माना। उसने देवकी से बालिका को लेकर पत्थर पर देकर मारना चाहा तो वह छूटकर आकाश की ओर जाते हुए बालिका ने कहा कि तुझे मारना वाला तो पैदा हो चुका। बीच बीच में संगीत का आयोजन किया गया।वही सीतराम दरबार की झांकी सजाई गई। कथा का विस्तार सुनाया। सीताराम विवाह बताया। कथा सुनने के लिए महिला पुरुष उमड़ पड़े।उपाचार्य नीरज,महेश शर्मा, महेन्द्र, राम लाल शर्मा, नीरज लवानिया, शिवम गर्ग सहित अनेक ब्राह्मण साथ रहे।

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