फिरोजाबाद सपा प्रसपा गठबंधन से फिरोजाबाद की इस सीट पर फसेगा पेंच, मुलायम सिंह यादव के समधी ने दी चेतावनी, यह है पूरा मामला

अरविंद कुमार श्रीवास्तव फिरोजाबाद रिपोर्ट
– प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र व पूर्व सांसद अक्षय यादव ने सिरसागंज विधानसभा से संतोष यादव को जिताने को की गई थी घोषणा।
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर भले ही सपा और प्रसपा का गठबंधन हो गया हो लेकिन फिरोजाबाद जिले की सिरसागंज विधानसभा पर टिकट को लेकर पेच फंस सकता है। यहां पर मुलायम सिंह यादव की समधी ने चेतावनी दी है।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के समधी और एसपी से निष्कासित नेता हरिओम यादव ने कहा है कि अगर यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें कंसीडर नहीं किया गया तो वह किसी अन्य दल से चुनाव लड़ेंगे। दरअसल, सिरसागंज विधानसभा सीट से एसपी विधायक हरिओम यादव ने कहा है कि वह जिस दल से चुनाव लड़ेंगे, फिरोजाबाद जिले की पांचों सीटें वही दल जीतेगा। बता दें कि लगभग 10 महीने पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधायक हरिओम यादव को समाजवादी पार्टी से निष्कासित कर दिया था। हरिओम यादव इसके बाद शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से जुड़ गए थे। वह शिवपाल यादव के करीबी भी माने जाते हैं। हरिओम यादव कहते हैं कि प्रोफेसर रामगोपाल यादव के कारण उन्हें एसपी से निकला गया था। हरिओम यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में अपने परिवार के जिला पंचायत सदस्य के 6 वोट भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को दिलाए थे। इसके बाद ही भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता था और एसपी बुरी तरह हार गई थी। हरिओम यादव ने सिरसागंज विधानसभा से 2012 और 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता था। 2012 में हरिओम यादव ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी ) के अतुल प्रताप सिंह को 40 हजार वोटों से हराया था जबकि 2017 में उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी व पूर्व मंत्री जयवीर सिंह को 10 हजार वोट से शिकस्त दी थी।
कुछ समय पूर्व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के पुत्र व फिरोजाबाद लोकसभा के पूर्व सांसद अक्षय यादव ने संतोष यादव को सिरसागंज विधानसभा से प्रत्याशी बनाए जाने और उन्हें चुनाव जिताने की घोषणा भरे मंच से की थी। इसके बाद सपा प्रसपा गठबंधन की बात सामने आई। इसे लेकर सिरसागंज विधायक हरिओम यादव ने कहा कि जिन लोगों ने प्रत्याशी के नाम की घोषणा की है वह कोई अहमियत नहीं रखते हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं जबकि प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव हैं। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा की गई घोषणा के बाद ही प्रत्याशी के नाम का ऐलान होगा और यदि समाजवादी पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के गठबंधन से उन्हें टिकट नहीं मिलती है तो वह किसी दूसरे दल से भी चुनाव लड़ सकते हैं या निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। इसको लेकर वह अपने समर्थकों और वोटरों से बात करने के बाद में निर्णय लेंगे।
अरविंद कुमार श्रीवास्तव रिपोर्ट फिरोजाबाद

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