पाकुड:पाकुड़ राज एंव उच्य वि अंजना के छात्र रिजल्ट से आग बबूला, दिया अल्टीमेटम

पाकुड़ से राजकुमार भगत की रिपोर्ट
पाकुड़ : झारखंड अधिविध परिषद द्वारा 12वीं का परीक्षा फल घोषित होने पर जिन छत्र /छत्राओ का परीक्षा फल संतोषजनक नहीं है वह वह विद्यालय प्रशासन के खिलाफ काफी नाराज हैं । छात्रों का सीधा सीधा आरोप है कि शिक्षकों द्वारा अंक देने में भारी गोलमाल की है। जो छात्र कमजोर है उन्हें अच्छे अंक जो अच्छे हैं उन्हें कम अंक प्रदान किए गए हैं। ।यह सब कहीं ना कहीं शिक्षकों की जानबूझ कर लापरवाही का नतीजा है । 11वीं के आधार पर 12वीं का रिजल्ट दिया गया है। ट्यूशन पढ़ने वाले छात्रों का विशेष ध्यान रखा गया है । कुछ छात्रों को तो फेल ही कर दिया गया है । ऐसे में छात्र का भविष्य अधर में है । दूसरी ओर प्राचार्य विकास प्रसाद ने बताया कि छात्र के आपतियो की जानकारी मिली है। इससे संबंधित जानकारी सूचना पट पर अंकित कर दी गई है छात्र उससे मदद ले सकते हैं बात कर सकते हैं । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता विशाल कुमार भगत ने कहा कि 2 दिन के अंदर परीक्षा फल का समाधान नहीं होता तो जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय अंजना की भी यही हाल है । यहां की शिक्षकों ने तो हद ही कर दी। विद्यार्थियों का सीधा सीधा आरोप है कि छात्रों को दो वर्गों में बांट कर शिक्षकों ने अंक चार्ट बनाकर बोर्ड को भेजा है । जो छात्र विद्यालय के शिक्षकों के पास ट्यूशन पढ़ते हैं उन्हें गणित और विज्ञान के प्रौद्योगिक परीक्षा में अच्छे अंक दिए गए हैं। छात्रों ने दो शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिक्षकों के पास पहुंचे ।प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय के 2 शिक्षकों ने अपने इस निंदनीय कार्य को स्वीकार किया है और और कथित रूप से कहां है कि हमसे बड़ी भूल हुई है वे छात्रों को लिखित भी दिए हैं। बताया जाता है तथाकथित दोनों शिक्षकों ने छात्रों से अपनी भूल स्वीकार करते हुए कहा है कि अब हम भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे और ना ही विद्यालय के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाएंगे ।उधर छात्रों का कहना है कि इस प्रकार के शिक्षक रहने से बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। ऐसे शिक्षकों को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। जिला शिक्षा पदाधिकारी इन्हें अविलंब बर्खास्त करें । हमें किसी अच्छे शिक्षण संस्थान में दाखिला लेने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों ने कहा कि अगर इन शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आगे कदम उठाने के लिए छात्र मजबूर होंगे।

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