खेल मैदानों के व्यावसायिक उपयोग पर आक्रोश, युवा उद्योग व्यापार मण्डल ने की रोक की मांग।
खेल मैदानों के व्यावसायिक उपयोग पर आक्रोश, युवा उद्योग व्यापार मण्डल ने की रोक की मांग।

बाँदा: खेल मैदानों के व्यावसायिक उपयोग पर आक्रोश, युवा उद्योग व्यापार मण्डल ने की रोक की मांग।
योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी
युवा खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रही अभ्यास की जगह, खेल मैदान हो रहे नष्ट।
व्यावसायिक प्रदर्शनियों से स्थानीय फुटकर व्यापारियों का कारोबार हो रहा प्रभावित।
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शनियों के लिए वैकल्पिक स्थान (मंडी समिति) तय करने की उठाई मांग।
बाँदा। शहर के प्रमुख खेल मैदानों पर लगातार आयोजित हो रही व्यावसायिक प्रदर्शनियों, मेलों और सर्कस के खिलाफ अब विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। जिला युवा उद्योग व्यापार मण्डल, बाँदा ने युवा जिलाध्यक्ष प्रेम गुप्ता के नेतृत्व में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर खेल मैदानों के व्यावसायिक उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है। संगठन का स्पष्ट कहना है कि खेल मैदान युवाओं की संपत्ति हैं और इन्हें व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सौंपकर खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।
खिलाड़ियों और स्थानीय व्यापारियों को हो रहा नुकसान
सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से शहर के तीन प्रमुख मैदानों—जीआईसी ग्राउंड, राइफल क्लब और जेएन कॉलेज ग्राउंड—का जिक्र किया गया है। व्यापार मण्डल के अनुसार, इन मैदानों पर बार-बार निजी कंपनियों को आयोजन की अनुमति दी जा रही है। इससे न केवल मैदान की जमीन, घास और खेल उपकरणों को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि युवा खिलाड़ियों को अपने अभ्यास के लिए उचित जगह भी नहीं मिल पा रही है।
इसके अलावा, संगठन ने आरोप लगाया है कि इन प्रदर्शनियों के कारण आसपास के स्थानीय फुटकर व्यापारियों के कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लगातार होने वाले आयोजनों के चलते शहर में जाम, गंदगी और ध्वनि प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।
माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला और प्रमुख मांगें
व्यापार मण्डल ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि खेल मैदानों का उपयोग केवल खेल गतिविधियों के लिए ही किया जाना चाहिए, उनका व्यवसायीकरण किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। प्रशासन के समक्ष संगठन ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
शहर के सभी खेल मैदानों को व्यावसायिक प्रदर्शनियों, मेलों और सर्कस के लिए आवंटित करने पर तुरंत रोक लगाई जाए।
भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रदर्शनी या मेले के लिए खेल मैदानों के बजाय वैकल्पिक स्थान (जैसे- मंडी समिति प्रांगण) निर्धारित किया जाए।
सैकड़ों व्यापारियों ने दर्ज कराई उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ज्ञापन सौंपने के दौरान व्यापार मण्डल के कई वरिष्ठ और युवा पदाधिकारी मौजूद रहे। जिनमें मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश सराफ, युवा जिलाध्यक्ष प्रेम गुप्ता, प्रतिष्ठित व्यापारी चंद्र मोहन बेदी, राकेश सिंह राठौर, युवा महामंत्री कमल गुप्ता, कोषाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता (रिंकू), उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता (मंटू), अनूप गुप्ता, धर्मेंद्र नामदेव, ब्रजेश सोनी, राज गुप्ता, तनुज मसूरहा, अंशुमान जड़िया, सौरभ लक्ष्यकार, रानी गुप्ता, जेपी गुप्ता और अनिल तिवारी सहित सैकड़ों व्यापारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और मांग पत्र पर हस्ताक्षर किए।
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