निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा कार्यक्रम में पहुंचे वीआईपी पार्टी के सुप्रीमो मुकेश सहनी।कार्यकर्ताओं की उमरी भीड़।
निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा कार्यक्रम में पहुंचे वीआईपी पार्टी के सुप्रीमो मुकेश सहनी।कार्यकर्ताओं की उमरी भीड़।

*संवाददाता :-* विकास कुमार सहरसा (बिहार)।
*स्टोरी :-* निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा कार्यक्रम में पहुंचे वीआईपी पार्टी के सुप्रीमो मुकेश सहनी।कार्यकर्ताओं की उमरी भीड़।
*एंकर :-* सहरसा के कला भवन में आज 26 अगस्त को निषाद संकल्प यात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी।जहां उनके कार्यकर्ताओं ने गर्म जोशी से स्वागत किया।इस कार्यक्रम में निषाद समाज के हजारों लोग हुए शामिल।
निषाद समाज को आरक्षण चाहिए जब बंगाल में आरक्षण है ,दिल्ली में आरक्षण है तो बिहार में क्यों नही या यूपी और झारखण्ड में क्यों नही।इसलिए हमलोग निकले है,जब देश का संविधान एक है,देश का प्रधानमंत्री एक हैं,गृह मंत्री एक है तो हमारे साथ क्यों ऐसा भेद भाव क्यों हो रहा है।एक एक निषाद का बेटा माता बहन सब हजारों की संख्यां में यहां आए हुए है और हांथ में गंगाजल लेकर सभी लोगों ने संकल्प लिया अगला चुनाव में हमारा जो सुनेगा हम उनकी सुनेंगे।जो हमारे बच्चे के भविष्य के बारे में बात करेगा हम उनके बारे में बात करेंगे।जो हमारे बच्चे के भविष्य के बारे में बात नहीं करेगा तो हम उससे टकराएंगे और चुनाव में हराने का काम करेंगे।
वहीं उन्होंने ये भी कहा कि आज हम यही मुहिम पर निकले हैं पूरे यूपी बिहार झारखण्ड में डेढ़ से दो करोड़ निषाद समाज को संकल्पित करवाएंगे और मजबूती से हमलोग आने वाला चुनाव जो होगा 2024 में माननीय प्रधानमंत्री निश्चित तौर पर देखें समझे और निषाद समाज और मछुआरों की समस्या को सुने और निदान करें साथ ही साथ आरक्षण भी लागू करें।तो निश्चित तौर पर हम चाहेंगे कि तिबारा प्रधानमंत्री बने।अगर नहीं करेंगे तो हमलोग चाहेंगे ऐसा प्रधानमंत्री न हो।कोई नया प्रधानमंत्री आवे जो निषाद समाज के दुख तकलीफ को समझे और आरक्षण लागू करे।
2024 लोकसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि नवम्बर तक अभी कोई डिसीजन नहीं लिए हैं जो किसके साथ जाना है।आने वाले समय में निश्चित तौर पे किसी गठबंधन के साथ जाएंगे।लेकिन हम अपने कंडीशन से अपने एजेंडा से उससे कोई समझौता नहीं होगा।उसपर जो लोग राजी होंगे जो बात मानेंगे उसके साथ जाएंगे।अभी एक तो माननीय प्रधानमंत्री जी को करना है क्योंकि उनके वादे पर हम नहीं जाएंगे।रहा राहुल गांधी जी हैं शायद वादा करेंगे वैसे उनकी सरकार अभी है नहीं अगर वो वादा करेंगे तो हमलोग सोचेंगे उनके वादे पर जा सकते हैं।

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