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सहरसा के नितेश का चंद्रयान-3 लैंडिग में रहा बड़ा योगदान। घर पर जश्न का माहौल, इसरो में प्रबंधक हैं नितेश भाई बोले-गर्व की बात है।

सहरसा के नितेश का चंद्रयान-3 लैंडिग में रहा बड़ा योगदान। घर पर जश्न का माहौल, इसरो में प्रबंधक हैं नितेश भाई बोले-गर्व की बात है।

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*सहरसा :-* सहरसा के नितेश का चंद्रयान-3 लैंडिग में रहा बड़ा योगदान। घर पर जश्न का माहौल, इसरो में प्रबंधक हैं नितेश भाई बोले-गर्व की बात है।

*सहरसा :-* बिहार के सहरसा जिले के आरण गांव का रहने वाला वैज्ञानिक नितेश कुमार का चन्द्रयान 3 के सफल लेंडिंग में बहुत बड़ा योगदान रहा।इस सफलता को लेकर उनके घर पर और पूरे गांव में जश्न का माहौल है।वैज्ञानिक के घर पर लोग पहुंचकर मिठाईयां खिलाकर दे रहे हैं बधाई।पूरा इलाका खुशी के माहौल में डूबा।
मिली जानकारी के अनुसार वैज्ञानिक नितेश कुमार के पिता का नाम स्वर्गीय उपेन्द्र यादव है जो सहरसा में एक स्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर पदस्थापित थे।और उनके पिता की मौत 11 मार्च 2012 ईस्वी में हो गयी थी।पिता की मौत के बाद उनकी माँ का भी 24 अक्टूबर 2018 ईस्वी में मौत हो गयी थी। वैज्ञानिक नितेश कुमार सहरसा के जिलास्कूल से1996 में मैट्रिक पास किया और इंटरमीडिएट की परीक्षा 2000 ईस्वी में पास किया था।2006 ईस्वी में नितेश भागलपुर से कंप्यूटर साइंस में इंजियनियरिंग किया था।उसके बाद नितेश कुमार 2008 ईस्वी में इसरो में प्रबंधक के पद पर जॉइन किया था।अभी वर्तमान में चन्द्र यान 3 में साईबर सुरक्षा में प्रबंधक रूप में कार्यरत है।
वहीं इस सफलता को लेकर उनकी भावी अंजू भारती ने बताया कि मुझे बहुत गर्व है अपने देवर पर जो इतना बड़ा काम किये हैं सबके साथ मिलकर। मेरे देवर के माँ पिता स्वर्ग सिधार गए हैं उसके बावजूद इतना बड़ा काम किये है ।हमलोग बहुत खुश है इस सफलता को लेकर।
वहीं वैज्ञानिक नितेश के भाई केशव कुमार केशरी की माने तो बहुत गर्व की बात है कि इस मोर गांव आरण का रहने वाला मेरा भाई इतना बड़ा काम किया है।चन्द्रयान 3 के लेंडिंग में इस लड़का का बहुत बड़ा योगदान रहा।यह लड़का साईबर सिकयुरिटी में प्रबंधक के रूप में कार्यरत था।उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी यान को अंतरिक्ष में भेजने के लिए या चांद पर भेजने में उसमें साईबर सिक्विरिटी बहुत मायने रखता है।इस सफलता को लेकर उन्होंने कहा कि बहुत ज्यादा खुशी हो रही है समझिए इसरो देश का धड़कन है।इसरो का सफर जो तय हुआ है एक समय ऐसा भी था जो सायकिल पर सेटेलाइट को ले जाकर लंच किया गया था।आज इसरो चांद पर कदम रख दिया है और साउथ पोल पर दुनिया का पहला देश है जो भारत कल 6 बजकर 4 मिनट पर सॉफ्ट लेंडिंग करवाया ये हमलोगों के लिए समाज के लिए देश के लिए बहुत गर्व की बात है।
जनप्रतिनिधि सरोज मुखिया की माने तो बड़ी खुशी की बात है कि हमारे पंचायत के मोर गांव आरण के एक युवक जिनके माता पिता ने ऐसे होनहार बच्चे को पैदा किये जो बड़े भाई के समान है जो आज देश के इसरो दक्षणी ध्रुव पर सबसे पहले भारत ने अपना सॉफ्ट लेंडिंग करवाया ये बहुत गर्व की बात है।

anupam

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