बार बालाओं के साथ ग्रामीण चिकित्सकों ने लगाए ठुमके!ग्रामीण चिकित्सकों का था सम्मेलन!
बार बालाओं के साथ ग्रामीण चिकित्सकों ने लगाए ठुमके!ग्रामीण चिकित्सकों का था सम्मेलन!

*संवाददाता :-* विकास कुमार सहरसा (बिहार)।
*स्टोरी :-* बार बालाओं के साथ ग्रामीण चिकित्सकों ने लगाए ठुमके!ग्रामीण चिकित्सकों का था सम्मेलन!
*एंकर :-* खबर बिहार के सहरसा जिले से हैं ,जहां आज रविवार 19 मार्च को सहरसा के कला भवन में ग्रामीण चिकित्सकों का सम्मेलन हुआ।इस सम्मेलन में ग्रामीण चिकित्सक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशु तिवारी सहित कई ग्रामीण चिकित्सक मौजूद दिखे।इस सम्मेलन में जहां ग्रामीण चिकित्सक के हितों की बात को लेकर सम्मेलन का आयोजन किया गया था तो वहीं हितों की बात को तो छोड़ दीजिए सभी चिकित्सक बार बालाओं के डांस का लुप्त उठाते नजर आ रहे हैं।इस तसवीर के माध्यम से देखा जा सकता है कि ग्रामीण चिकित्सक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशु तिवारी और ग्रामीण चिकित्सक के जिला अध्यक्ष,सहित कई ग्रामीण चिकित्सक मंच पर बैठकर बार बालाओं के डांस का लुप्त उठाते हुआ नजर आ रहे हैं।यही ही नहीं एक ग्रामीण चिकित्सक बार बालाओं के साथ डांस भी करते दिख रहे हैं।हालांकि जब ग्रामीण प्रशिक्षित चिकत्सक की नजर मीडिया के कैमरे पर पड़ी तो आयोजकों के द्वारा बार बालाओं को हटाकर प्रोग्राम बंद कर दिया गया।
वहीं ग्रामीण चिकित्सक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंशु तिवारी ने कहा कि ये हमलोगों के ग्रामीण चिकित्सक का जिला सम्मेलन है ।और हमलोग बिहार सरकार से मांग करते हैं कि हमारा स्वास्थ्य व्यवस्था और कैसे सुदृढ हो ।ग्रामीण क्षेत्रों में जो स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति है वह नगण्य है अभी।कोरोना काल जैसे भयंकर बीमारी में जो हमारे प्रशक्षित ग्रामीण चिकित्सक जो जान की बाजी लगाकर दिन रात ग्रामीण क्षेत्र में जनता की सेवा किया है। आज अगर हम इन चीजों को मान लें बिहार में 5 लाख ग्रामीण चिकत्सक हैं अगर वो एक आदमी का जान बचाया तो तकरीबन 5 लाख लोगों का जान बचाया।लेकिन ग्रामीण चिकत्सक की बिहार सरकार के द्वारा अपेक्षा ही किया जा रहा है।उन्होंने ये भी कहा कि आपलोगों को पता है माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी ने कहा था कि केबिनेट से पास करवाकर आपलोगों को स्वास्थ्य मित्र के रूप में बहाल किया जाएगा।लेकिन आजतक बहाल नहीं किया गया।इन्हीं सब बातों को लेकर ग्रामीण चिकत्सक का सम्मेलन किया गया था।
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