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सहरसा बिहार ठंड और कुहासे को लेकर सहरसा रेलवे अलर्ट

ठंड और कुहासे को लेकर सहरसा रेलवे अलर्ट

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रिपोर्ट विकास कुमार सहरसा बिहार

*सहरसा :-* आगामी ठंड और कुहासे को लेकर रेलवे अलर्ट मोड में आ चुकी है। जाड़े के दौरान मौसम में संभावित कुहासे को लेकर रेलवे द्वारा संरक्षित ट्रेन परिचालन की दिशा में कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जिससे कोहरे के दौरान ट्रेनों के विलंब होने की दिक्कतों को दूर किया जा सके।
फॉग सेफ डिवाइस से लैस हुआ रेल इंजन –
हाजीपुर जोन के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि कुहासे को लेकर ट्रेन के इंजनों में फॉग सेफ डिवाइस लगाया गया है। ट्रेनों के सुचारू परिचालन के लिए पूर्व मध्य रेलवे ने सभी मेल , एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनों के लोको पायलटों के लिए फॉग सेफ डिवाइस का प्रावधान किया है।
बता दें कि फॉग सेफ डिवाइस जीपीएस आधारित एक उपकरण है। जो लोको पायलट को आगे आने वाली सिगनल की चेतावनी देता है। जिससे लोको पायलट ट्रेनों की स्पीड को नियंत्रित करते हैं।
फॉग मैन हुए तैनात –
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त फॉग मैन भी तैनात किए जा रहे हैं। जो कुहरे के दौरान रेल लाइन पर सिगनल की स्थिति की निगरानी करेंगे।
हो रही पेट्रोलिंग –
इतना ही नहीं रेल फ्रैक्चर से बचाव एवं समय पर इसकी पहचान के लिए उच्चाधिकारियों की निगरानी में रेलकर्मियों द्वारा निरंतर पेट्रोलिंग की जा रही है। इससे एक ओर जहां संरक्षा में वृद्धि होगी। वहीं कोहरे के बावजूद समय-पालन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
लाइन मैन जीपीएस से होंगे लैस –
रेलवे लाइनमैन एवं पेट्रोलमैन कर्मचारियों को जीपीएस सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। ताकि उनकी खुद की भी सुरक्षा हो सके।
सिंगनलों की दृश्यता बढ़ी –
वही उन्होंने बताया कि सिगनलों की दृश्यता को बढ़ाने के लिए सिगनल साइटिंग बोर्ड , फॉग सिगनल पोस्ट , ज्यादा व्यस्त समपार के लिफ्टिंग बैरियर आदि को एक विशेष रंग काला एवं पीला रंग से रंगकर उसे चमकीला बनाया गया है।
सिंग्नल से पूर्व सफेद चुना बताएगा आगे है सिंग्नल –
सिगनल आने के पहले रेल पटरी पर सफेद चूने से निशान बनाया गया है। ताकि लोको पायलट कुहासे वाले मौसम में सिगनल के बारे में अधिक सतर्क हो सके। ठंड के मौसम में सुगम ट्रेन परिचालन हेतु बरती जाने वाली इन कदमों की जानकारी देने हेतु ट्रेन परिचालन से सीधे रूप से जुड़े रेलकर्मियों को संरक्षा सलाहकारों द्वारा लगातार कांउसिलिंग भी की जा रही है।
स्टेशन मास्टर को किया गया सतर्क –
सभी स्टेशन मास्टरों तथा लोको पायलटों को निर्देश दिया गया है कि कुहासा होने पर इसकी सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष को दें। इसके बाद दृश्यता की जांच वीटीओ (विजुविलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट) से करें। दृश्यता बाधित होने की स्थिति में लोको पायलट ट्रेन के ब्रेक पावर , लोड और दृश्यता की स्थिति के आधार पर गाड़ी की गति को नियंत्रित करेंगे। लोको पायलटों को निर्देश दिया गया है कि वे कुहासा होने पर ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाए। समपार फाटक पर तैनात गेटमैन एवं आम लोगों तक ट्रेन गुजरने की सूचना मिल सके। इसलिए ट्रेन के चालक समपार फाटक के काफी पहले से लगातार हॉर्न देंगे। ताकि यह पता चल सके कि समपार फाटक से ट्रेन गुजरने वाली है।

anupam

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