चित्रकूट तुलसी जन्म भूमि राजापुर चित्रकूट को लेकर छिड़ी जंग
तुलसी जन्म भूमि राजापुर चित्रकूट को लेकर छिड़ी जंग

* चित्रकूट उत्तर प्रदेश न्यूज
राम गणेश पांडेय शोधकर्ता (तुलसी जन्मभूमि शोध समीक्षा एवं राष्ट्रीय संरक्षक ओम सत्य सनातन वैदिक धर्म सभा) का कहना है कि प्रमाणिक ऐतिहासिक साहित्यिक प्रत्यक्ष साक्ष्य भाषागत साक्ष्य शोधगत साक्ष्य सोरों पक्ष एवं गोंडा पक्ष के तर्कों का तथ्यपूर्ण प्रमाणों द्वारा विपक्ष के कपोल कल्पित मनगढ़ंत तर्कों का सटीक खंडन एक, दो नहीं अपितु सैकड़ों साक्ष्यों प्रमाणों तथ्यों सैकड़ों संबंधित ग्रंथों शोध ग्रंथो से पर्दाफाश कर गोस्वामी तुलसीदास जी की असली जन्मभूमि राजापुर चित्रकूट लोकमान्य प्रमाणिक लगभग 525 वर्षों से उनके पितामह पंडित परशुराम जी से के समय से प्रसिद्ध है।गोस्वामी तुलसीदास जी के साथ साथ रहने वाले उनके अति प्रिय शिष्य बाबा वेणी माधव दास जी मूलनिवासी पसका, शूकर क्षेत्र जनपद गोंडा अपने गुरु के जन्म स्थान के विषय में संवत 1687 विक्रमी ले यह स्पष्ट लिखा है_
” पंद्रह सौ चौवन बिसौ कालिंद्री के तीर ।
सावन शुक्ला सप्तमी तुलसी धरेव शरीर” ।।
इतना ही नहीं विश्व विख्यात विश्व कवि संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी के दूसरे प्रिय शिष्य बाबा रघुवर दास ने तुलसी चरित्र में भी राजापुर चित्रकूट को तुलसी जन्मभूमि लिखते हुए लिखा है –
” सरयू के उत्तर बसत मंजू देश सरवार।
राज मझबली जानिए, कसेवा ग्राम उदार” ।।
“परशुराम परपिता हमारे, राजापुर सुख भवन सुधारे” ।।
राम गणेश पांडेय जी ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा गोस्वामी तुलसीदास जी का ननिहाल ताड़ी मऊ तहसील जनपद चित्रकूट
कालिंद्री के दक्षिणी तट पर राजापुर चित्रकूट से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व स्थित है और ससुराल कालिंद्री के उत्तरी तट ग्राम महेवा जनपद कौशांबी लोक जनमानस में रचे बसे हैं।
इन साक्ष्यों के अलावा भी सैकड़ों साक्ष्य संलग्न “तुलसी जन्म भूमि शोध समीक्षा” साक्ष्य में सेवाअर्पित हैं।
राम गणेश पांडेय ने कहा कि पुस्तक शोध समीक्षा के पेज नंबर 229, 230 और 231 में सोरो व गोंडा आदि के विवादों के संदर्भ में अखिल भारतीय साहित्यिक संगोष्ठीयों में भी राजापुर बांदा वर्तमान जनपद( चित्रकूट )को ही तुलसी जन्मभूमि माना है। इस मौके पर पूजनीय संतो सहित राजापुर के युवा समाजसेवी बुद्धिजीवी अधिक संख्या में उपस्थित रहे
मंडल प्रभारी गंगा प्रसाद करवरिया

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