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गढ़वा झारखंड कांडी हॉस्पिटल में लापरवाही की वजह से लोगों के उठाना पड़ रहा है भारी परेशानी का सामना। आखिर क्यों

कांडी हॉस्पिटल में लापरवाही की वजह से लोगों के उठाना पड़ रहा है भारी परेशानी का सामना। आखिर क्यों

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संवादाता दयानंद यादव की रिपोर्ट

गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड मुख्यालय में लगभग कई वर्षों से करोड़ों का हॉस्पिटल बनाया गया है लेकिन अफसोस की बात है ।कि अभी तक इस पर नाम तक नहीं लिखा गया है। या हॉस्पिटल कब बनाया गया है आपको बता दें कि आज दिन शनिवार को करीब 2:30बजे मझिगावां से चलकर एक महिला अपने नतनी को लेकर कांडी हॉस्पिटल में आई थी आने के बाद देखा कि हॉस्पिटल में ताला लगा हुआ है ।तो कांडी पूरे बाजार में जितने भी प्राइवेट क्लिनिक संचालन करते थे सभी ने अपनी-अपनी दुकानों में ताला बंद कर घर चले गए हैं ।उसके बाद महिला ने आनन-फानन में प्रखंड मुख्यालय प्रमुख सत्येंद्र पांडेय उर्फ पिंकू पांडेय के पास पहुंचकर अपनी फरियाद सुनाई उसके बाद प्रमुख ने तुरंत अपने एक व्यक्ति को भेजकर कांडी हॉस्पिटल में ताला खुलवाने के लिए भेज दिया जब वह व्यक्ति बहुत जोर- जोर से आवाज दिया तब जाकर अंदर से एक गार्ड आया और बोला कि हॉस्पिटल बंद हो गया है आप मझिआंव चले जाइए तब उस व्यक्ति ने कहा कि अभी तो 3:00 बज रहा है और आप हॉस्पिटल में ताला बंद कर दिए हैं तब गार्ड ने कहा कि हमें अशोक कुमार ने कहे कि आप ताला 2:30 बजे ही बंद कर दीजिए उनके कहने के अनुसार हम ताला बंद किए हैं आप उनसे बात कर लीजिए तब तक प्रमुख भी हॉस्पिटल पर पहुंच गए तो देखा कि अभी तक ताला लगा हुआ है फिर उन्होंने कई आवाज दिए उसके बाद आधा घंटा समय बीत जाने के बाद अशोक कुमार ने ताला खुलवाया तब जाकर उस बच्चे का इलाज किया गया । सबसे बड़ी बात है कि उस बच्चे जब हाथ टूटा है तो उसको बन्डेज के जगह उसको खांसी बुखार का सिरप दे दिया गया ।तो आप समझ सकते हैं कि इस हॉस्पिटल के अंदर क्या हो रहा है। मरीज को क्या पता है कि यह किस चीज का दवा है। जब लोगों ने देखा तो कहा कि यह तो दवा खांसी और बुखार का है जबकि उस बच्ची का हाथ टूटा हुआ है जब प्रमुख सत्येंद्र पांडेय उर्फ पिंकू पांडेय से हमने पूछा कि करीब 3:00 बजे हॉस्पिटल बंद कर दिया गया है ।उस पर आप क्या कहना चाहेंगे तभी उन्होंने कहा कि 10:00 बजे से 3:00 बजे तक डॉ यहां बैठते हैं लेकिन उसके बाद अगर डॉ चले जाते हैं तो उस स्थिति में जो कंपाउंडर नर्स जो सरकार का पैसा लेते हैं उनको भी कुछ इलाज करना चाहिए ताकि वह मझिआंव गढ़वा तक जा सकें लेकिन अफसोस की बात है कि डॉक्टर के निकलते ही गेट में ताला बंद कर दिया जाता है और मजबूरन किसान मजदूर हॉस्पिटल के बाहर आवाज लगाते रहते हैं फिर भी गेट का ताला नहीं खुलता है और और उन्होंने कहा कि खास करके कांडी हॉस्पिटल में राजनीति किया जाता है जहां गरीब जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है जितना दवा और बन्डेज है वह मिलीभगत से बेच दिया जाता है। जिसके कारण कांडी क्षेत्र के जनता परेशान रहती है और सबसे खास बात यह है कि कांडी हॉस्पिटल हमेशा से सुर्खियों में बना रहता है। और आए दिन इस प्रकार का यहां घटना होता रहता है ।लोकल स्टाफ हैं उनको यहां से हटाया जाए क्योंकि लोकल व्यक्ति जो हैं वह यहां पर सही ढंग से कार्य नहीं करते हैं। और वह अपने मनमानी तरीके से कार्य को करते हैं इसलिए लोकल स्टाफ को यहां से जल्द से जल्द हटाया जाए।व
कांडी प्रखंड के लोगों का कहना है कि हॉस्पिटल 24 घंटे खुला रहना चाहिए ताकि किसी गरीब जनता को परेशानी ना हो क्योंकि जितने भी प्राइवेट हॉस्पिटल थे। गढ़वा डीसी के आदेश पर सारे हॉस्पिटल बंद कर दिया गया हैं इस स्थिति में सरकारी हॉस्पिटल ही मात्र गरीबों का सहारा है और वह भी 3:00 ही बंद हो जाएगा तो आप समझ सकते हैं कि यहां के गरीब जनता की स्थिति क्या होगी वहीं मौके से तमाम कांडी प्रखंड के जनता आदि मौजूद थे।

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