Breakingउत्तरप्रदेशएक्सक्लूसिवबाँदा

बांदा किसानों व राहगीरों की अहम समस्या अन्ना प्रथा को बंद कराने के लिए जनसेवक ने उठाई आवाज

किसानों व राहगीरों की अहम समस्या अन्ना प्रथा को बंद कराने के लिए जनसेवक ने उठाई आवाज

Spread the love

योगेंद्र प्रताप सिंह ब्यूरो चीफ

*किसानों व राहगीरों की अहम समस्या अन्ना प्रथा को बंद कराने के लिए जनसेवक ने उठाई आवाज*
पूरा मामला जनपद बांदा के समस्त ग्राम पंचायतों से जुड़ा हुआ जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार अपनी योजनाओं में से प्राथमिकता देते हुए अन्ना गोवंश को संरक्षित कर भरण पोषण के लिए करोड़ों रुपए दे रही है वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी आदेशों का धड़ल्ले से उड़ा मजाक उड़ा रहे है। अप्रैल 2022 से अन्ना, जानवरों को आवारा छोड़ दिया है किसानों की गर्मी की फसल बर्बाद होने के बाद धान की फसल भी बर्बाद सफाचट करने में तुले हुए है। सड़कों पर फर्राटा मार रहे वाहनों से टकराकर आए दिन वाहन चालक दुर्घटना का शिकार बनते हैं किसानों की सुनें तो अपने घर का सुख चैन त्याग कर खेत खलिहान में दिन-रात रहने को मजबूर हैं। जिस पर जहरीले कीड़े काटते हैं किसानों की असमय मृत्यु होती हैं इस समस्या के समाधान के लिए क्षेत्रीय समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक व किसानों ने कई बार तहसील से लेकर जिले एवं शासन प्रशासन को पत्र के माध्यम से अवगत कराया लेकिन किसानों की कहीं कोई सुनी नहीं जाती। आज समाजसेवी पीसी पटेल व उसके समर्थक जिलाधिकारी बांदा श्री अनुराग पटेल को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि अन्ना जानवरों को सरकार द्वारा संचालित गौशालाओं में शीघ्र संरक्षित कराया जाए अन्यथा की स्थिति में किसान व समाजसेवी जल्द ही रोड़ों पर अनशन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन व जिम्मेदार लोगों की होगी!!

anupam

Related Articles

Back to top button
आवाज इंडिया लाइव से जुड़ने के लिए संपर्क करें आप हमें फेसबुक टि्वटर व्हाट्सएप पर भी मैसेज कर सकते हैं हमारा व्हाट्सएप नंबर है +91 82997 52099
All Rights Reserved @ 2022. Aawaj india live.com