सहरसा बिहार पंचायत सरकार भवन अपने मकसद में पूरी तरह विफल
पंचायत सरकार भवन अपने मकसद में पूरी तरह विफल

रिपोर्ट -: ललन कुमार सहरसा बिहार
एंकर-: बिहार के सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड क्षेत्र के तीरी पंचायत में बना सरकार भवन अपने मकसद में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। आज भी छोटे छोटे कामों के लिए लोगों को प्रखंड मुख्यालय का ही चक्कर लगाना पड़ता है। बतादे की इसके निर्माण के पिछे सरकार की मंसा पंचायत सचिवालय के रुप में उपयोग करने और पंचायत वासियों को सहुलियत देने की थी। प्रखंड के कुछ पंचायत में पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार हैं, लेकिन एक भी अधिकारी पंचायत सरकार भवन में नहीं बैठते हैं। जिससें लोगों में नाराजगी देखी जा रही हैं। सरकारी निर्देश के मुताबिक पंचायत सचिव सहीत पंचायत स्तर के सभी महकमों के सरकारी कर्मियों का दफ्तर पंचायत सरकार भवन में ही रहना था। लेकिन सरकार की ये कोशिश पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं। पंचायत कर्मी यहां बैठना तो दूर झांकना तक भी पसंद नहीं करते हैं। लाखों की लागत से बने ये भवन खंडहर में बदलते जा रहे हैं,भवनो में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ये भवन सिर्फ आवारा जानवरो का आश्रय स्थल बनकर रह गया है,न तो संबंधित अधिकारी और न ही जिला मुख्यालय इसके समुचित संचालन को लेकर कोई दिशा निर्देश दिया जाता है। यह भवन जर्जर और बैकार पड़े हुए हैं। कर्ई भवनों पर कुछ स्थानीय लोगों ने कब्जा जमा लिया। अफसरों का भी ध्यान इस ओर नहीं है। जिससे भवन बेकार हो रहे हैं। जबकि यहां कृषि जमीन, दाखिल, खारिज लगान रसीद जाति आय जन्म प्रमाण पत्र समेत अन्य प्रमाण पत्र और ग्राम कचहरी संबंधित कार्य इसी पंचायत सरकार भवन से निष्कासित किए जाने, सरकार की अवधारणा थी कि सबसे पंचायत वासियों की सहुलियय तो होगी और प्रखंड सह अंचल कार्यालय के विशेष चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सच है कि आधा दर्जन से अधिक पंचायत सरकार भवन में ताले लटकते रहते
हैं। वर्षों पूर्व कई ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवन जर्जर की स्थिति में है, उनकी मरम्मत भी नहीं हो रही है।

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