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सुपौल बिहार सुपौल जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला निरीक्षण समिति द्वारा विशिष्ट दत्तक संस्थान सुपौल का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया

सुपौल जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला निरीक्षण समिति द्वारा विशिष्ट दत्तक संस्थान सुपौल का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया

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( *आलोक बादल जिला संवाददाता सुपौल)*

निरीक्षण के क्रम में संस्थान में बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण के संबंध में जानकारी ली गई| जिलाधिकारी द्वारा संस्थान में कर्मियों को साफ-सफाई तथा बच्चों के विशेष देख रेख हेतु निर्देशित किया गया |जिलाधिकारी द्वारा सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई सुपौल को संस्थान में रिक्त पदों पर यथाशीघ्र चयन की प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया| जिलाधिकारी द्वारा संस्थान से गोद दिए गए बच्चों के संबंध में जानकारी ली गई |सहायक निदेशक द्वारा बताया गया कि विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान सुपौल सेअद्यतन तक 8 बच्चों के दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण की गई है उक्त दत्तक ग्रहणमें एक अंतर्देशीय तथा 7 बच्चों का देश में दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया की गई है सभी मामलों में ग्रहण वाद से संबंधित आदेश निर्गत किया जा चुका है तथा बच्चे अपने परिवार में पल रहे हैं| वर्तमान में संस्थान में 2 बच्चियां आवासीय हैं दोनों की उम्र लगभग 5 माह है| उक्त दोनों बच्चे गोद लेने हेतु कानूनी रूप से स्वतंत्र घोषित की जा चुकी है| उक्त बच्चियों में एक बच्चे को कनाडा के पेरेंट्स द्वारा दत्तक ग्रहण हेतु रिजर्व किया गया है| वर्णित भावी दत्तक ग्राही माता पिता के स्तर से प्राप्त सभी कागजात के आलोक में दत्तक ग्रहण वाद दायर किया जाएगा तथा दत्तक ग्रहण वाद में आदेश के आलोक में जन्म प्रमाण पत्र तथा पासपोर्ट की प्रक्रिया जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा की जाएगी| दत्तक ग्रहण हेतु बच्चों का पंजीकरण बाल कल्याण समिति सुपौल के आदेशानुसार विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन अभिकरण द्वारा विकसित वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है बच्चों के खोज बीन हेतु व्यापक प्रसार वाले क्षेत्रीय समाचार पत्रों में बच्चों का फोटोग्राफ सहित सूचना का प्रकाशन बायोडाटा सहित बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा कराया जाता है| 2 माह तक किसी भी अभिभावक या माता-पिता के द्वारा बच्चों के संबंध में दावा प्रस्तुत नहीं किए जाने के उपरांत बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चों को गोद लेने हेतु कानूनी रूप से स्वतंत्र घोषित कर दिया जाता है| इसके उपरांत बच्चों का चिकित्सीय जांच प्रमाण पत्र तथा चाइल्ड स्टडी रिपोर्ट बनाकर केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन अभिकरण के वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है |इसके उपरांत द्वारा पूर्व से प्रतीक्षा सूची में वरीयता क्रम के अनुसार बच्चों का रेफरल भावी दत्तक ग्राही माता-पिता को भेजा जाता है भावी दत्तक ग्राही माता-पिता द्वारा 48 घंटे के अंदर बच्चे को गोद लेने हेतु रिजर्व कर लिया जाता है |इसके उपरांत भावी दत्तक ग्राही माता पिता द्वारा संबंधित संस्थान में 20 दिनों के अंदर बच्चों को पूर्व पालन-पोषण देखरेख में लिया जाता है |इसके उपरांत बच्चों से संबंधित दत्तक ग्रहण वाद विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा परिवार न्यायालय में दायर किया जाता है| परिवार न्यायालय द्वारा दत्तक ग्रहण बाद में निर्गत आदेश के आलोक में जन्म प्रमाण पत्र संबंधित पदाधिकारी द्वारा निर्गत किया जाता है भावी दत्तक ग्राही माता पिता को जन्म प्रमाण पत्र तथा दत्तक ग्रहण बाद से संबंधित आदेश मूल प्रति में विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान संस्थान द्वारा उपलब्ध करा दिया जाता है| इसके उपरांत बच्चों का जैविक माता पिता की तरह अधिकार संरक्षण हो जाता है| जिला निरीक्षण समिति द्वारा जांच के क्रम में बच्चों के टीकाकरण तथा नियमित चिकित्सीय जांच हेतु सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया| जिलाधिकारी द्वारा बच्चों को उपहार स्वरूप कपड़े तथा खिलौने दिए गए `जिला निरीक्षण समिति के अन्य सदस्य पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, सुपौल अध्यक्ष ,बाल कल्याण समिति सुपौल ,सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, सुपौल जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मध्यान भोजन तथा सर्व शिक्षा अभियान उपस्थित थे |उक्त मौके पर संस्थान के कर्मी तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी तथा कर्मी उपस्थित थे l

anupam

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