बाँदा सढा में बदहाल गौशाला में दम तोड़ते गोवंश

योगेन्द्र प्रताप सिंह ब्यूरो चीफ
बांदा जिले में अन्ना मवेशियों की वजह से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसल बचाने के लिए किसानों को रतजगा कर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। हालात ये हैं कि चारा भूसा के नाम पर पशु आश्रय केंद्रों में रखे गए अन्ना मवेशियों को धान का सूखा पुआल खिला जिंदा रखने का प्रयास किया जा रहा है।करोड़ो खर्च करने के बावजूद प्रशासन अन्ना मवेशियों को संरक्षित नहीं कर पा रहा है।
बांदा के नरैनी विकासखंड के ग्राम पंचायत सढा में बनी स्थाई गौशाला में गोवंश की हालत खराब बनी हुई है। अव्यवस्था व बीमारी के चलते 1 सैकड़ा से अधिक गोवंश अकाल मृत्यु का शिकार हो चुका है। गौशाला संचालन के लिए ग्राम प्रधान व सचिव के द्वारा गौ शाला में 5 कर्मियों को लगाया गया है। लेकिन फिर भी अव्यवस्था गौशाला में हावी है एक तरफ योगी सरकार गौ वंशीय पशुओं के संरक्षण में करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है लेकिन गोवंशों को पर्याप्त सुविधाएं भी मुहैया नहीं हो पा रही हैं। अन्ना मवेशियों की गौशाला में तड़प तड़प कर मौत हो रही है। गौ सेवक जो कि गौं के नाम पर रोटियां सेकते हैं भले ही उन्हें तनिक खबर ना हो लेकिन गौशाला में गौ माताएं चारे से नहीं बल्कि बीमारी वह कष्ट झेल कर दम तोड़ रही हैं। नरैनी के सढा स्थित गौशाला में की सुध लेने वाला कोई भी नहीं है।जिसके कारण यहाँ गौ माता तड़प तड़प कर बीमारी व अव्यवस्था से दम तोड़ती नजर आ रहीं है।

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