त्रिवेणी गंज सुपौल : मामला बिहार के सुपौल जिला के अंतर्गत त्रिवेणीगंज अनुमंडल के पिलुवाहा पंचायत वार्ड नंबर 8 की है।

एंकर:- मामला बिहार के सुपौल जिला के अंतर्गत त्रिवेणीगंज अनुमंडल के पिलुवाहा पंचायत वार्ड नंबर 8 की है। जहां पर बिहार सरकार के द्वारा सात निश्चय योजना के तहत जो बिहार सरकार की द्वारा जो ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिसका लागत लगभग 49 लाख का है। जो सिर्फ बिहार सरकार के द्वारा योजना कागज पर देखी जाती है। जमीनी हकीकत तो यह है। की जो ग्राउंड रिपोर्ट में देखा गया है। तो पिलुवाहा पंचायत वार्ड नंबर 8 में लगभग 35 से 45 घर में अभी तक जल नल योजना का पाइप तक नहीं पहुंचा है। और जहां-जहां पानी पहुंच रही है। वह पानी मैं इतना ज्यादा आयरन है। कि पानी बिल्कुल लाल दिखाई देता है। तो आदमी इस पानी को कैसे पिएंगे।
वहां के ग्रामीणों से पूछा गया तो बताया कि पानी पीने की तो बात छोड़ दीजिए मवेशी भी इस पानी को नहीं पीते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है। कि बिहार सरकार के द्वारा इतनी बड़ी लागत से जल नल योजना को कोई भी देखभाल करने वाला नहीं है। और इस पर कोई भी पदाधिकारी का ध्यान नहीं है।
जबकि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का कहना है। कि पूरे बिहार में हर घर में शुद्ध शुद्ध पानी पहुंचाना चाहिए जो स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। लेकिन देखा जाता है कि यह योजना धरातल पर सक्सेस नहीं हो रही है। ठेकेदार और मुखिया जी के मिलीभगत के कारण यह जल नल योजना पूरे बिहार में धरातल पर सही से काम नहीं कर रही है। और सरकार के द्वारा यह भी कहा गया था। कि जिस पंचायत में पानी एक भी घर नहीं पहुंचा है तो वहां की मुखिया चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन पिलुवाहा पंचायत के लक्ष्मीनिया गांव के वार्ड नंबर 8 में लगभग 35% घर में पानी नहीं पहुंचा है। अभी तक इसका जिम्मेदार कौन है। बिहार सरकार द्वारा चलाई गई नल जल योजना को सभी व्यक्ति को ध्यान में रखना चाहिए अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इस पर कब तक ध्यान देती है। या ऐसे ही पानी में आयरन रहेगी और 35 परसेंट लोग पानी से वंचित रहेगा यह तो देखने वाली ही बात होगी।
स्थानीय संवादाता त्रिवेणीगंज (सुपौल) से। :- आलोक बादल की रिपोर्ट

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