मधेपुरा : रक्षा बंधन का त्योहार भाई- बहन के प्रेम का प्रतीक होता है!

कविता कुमारी

हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है. इस बार राखी का त्योहार 22 अगस्त को मनाया गया . ये दिन भाई – बहन के प्रेम का प्रतीक है. हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का त्योहार बहुत महत्वपूर्ण होता है. इस दिन बहने अपनी भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं. भाई भी अपनी बहन की रक्षा करने का वादा करते हैं और उन्हें उपहार देते हैं.रक्षाबंधन के दिन देवताओं को राखी बांधने से आपकी सभी परेशानियां दूर हो जाती है. ऐसी मान्यता है कि राजा बलि ने एक बार भगवान विष्णु को भक्ति के बल पर जीत लिया और उनसे यह वरदान मांगा कि अब आप मेरे ही राज्य में रहें, भगवान मान गये और उसी के राज्य में रहने लगे।वापस न आने से लक्ष्मी दुखी रहने लगी। तब एक बार नारद के परामर्श पर लक्ष्मी पाताल लोक गई और बलि के हाथ में रखी बांधकर उसे भाई बनाया।
फिर उन्होंने बलि से निवेदन कर विष्णु को वापस लेकर बैकुंठ धाम ले आई। तब से ही रक्षा बंधन की परंपरा चल रही है।
आपको बता दें कि इसी दिन से भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व काफी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है! सभी बहनों अपने अपने भाई के कलाई पर राखी बांधकर उनके उज्जवल भविष्य एवं लंबी उम्र की कामना करती है और एक दूसरे के प्रति प्रेम की भावना जगती है!

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