नवरात्रि की तैयारियों को लेकर केंद्रीय पूजा महोत्सव समिति ने डीएम को सौंपा 16 सूत्रीय ज्ञापन
नवरात्रि की तैयारियों को लेकर केंद्रीय पूजा महोत्सव समिति ने डीएम को सौंपा 16 सूत्रीय ज्ञापन

बांदा: नवरात्रि की तैयारियों को लेकर केंद्रीय पूजा महोत्सव समिति ने डीएम को सौंपा 16 सूत्रीय ज्ञापन, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग
बुंदेलखंड के ऐतिहासिक नवदुर्गा महोत्सव को लेकर प्रशासन से समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की अपील; 11 अक्टूबर से घटस्थापना, 20 अक्टूबर को होगा विसर्जन
बांदा (उत्तर प्रदेश): योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी 
बुंदेलखंड के ऐतिहासिक और पारंपरिक नवदुर्गा महोत्सव की तैयारियों को लेकर बांदा केंद्रीय पूजा महोत्सव समिति ने जिलाधिकारी को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व विधायक राजकुमार शिवहरे, समिति अध्यक्ष अमित सेठ भोलू और महामंत्री कल्लू सिंह राजपूत के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की और पर्व को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और भव्य तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इस वर्ष नवरात्रि का पर्व 11 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर को मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न होगा। इस 10 दिवसीय धार्मिक आयोजन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु नगर के विभिन्न पंडालों और मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए नगर की साफ-सफाई, सुरक्षा, निर्बाध बिजली-पानी और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने की जरूरत है।
महिला सुरक्षा और पंडालों में निगरानी पर जोर
समिति ने प्रशासन को अवगत कराया कि नवरात्रि के दौरान नगर के प्रमुख देवी मंदिरों में भोर में 3 बजे से ही महिला श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो जाता है। इसलिए प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील मार्गों पर महिला पुलिसकर्मियों और नियमित गश्ती दल की विशेष तैनाती की जाए। इसके साथ ही नगर के सभी प्रमुख देवी पंडालों और मंदिरों के आसपास पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
बिजली, जलापूर्ति और गड्ढा मुक्त मार्ग
ज्ञापन में त्योहार के दौरान 10 दिनों तक अघोषित बिजली कटौती पर पूरी तरह रोक लगाने और सड़कों पर झूल रहे ढीले व खतरनाक बिजली तारों को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की गई है, ताकि विसर्जन यात्रा और शोभायात्रा के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे। इसके अलावा सुबह और शाम के समय जलापूर्ति को नियमित व सुचारू रखने तथा विसर्जन मार्गों को गड्ढा-मुक्त व अतिक्रमण-मुक्त बनाने का अनुरोध किया गया।
केन नदी विसर्जन घाट पर पुख्ता इंतजाम की मांग
20 अक्टूबर को होने वाले विसर्जन को लेकर समिति ने विशेष मांगें रखी हैं:
केन नदी घाट की व्यवस्था: विसर्जन घाट की मरम्मत, संपर्क मार्गों पर पर्याप्त रोड लाइट, नाव, स्टीमर और हाथ ठेला की उपलब्धता।
हाइड्रा मशीन व सुरक्षा बल: भारी प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए कम से कम 2 बड़ी क्रेन/हाइड्रा मशीनें और केन नदी में प्रशिक्षित जल पुलिस व गोताखोरों की तैनाती।
स्वास्थ्य एवं यातायात नियंत्रण: शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती, आपातकालीन स्वास्थ्य कैंप और भीड़भाड़ वाले समय में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध (नो-एंट्री)।
मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक: धार्मिक भावना और मर्यादा के दृष्टिगत नवरात्रि के 10 दिनों तक नगर क्षेत्र में मांस और शराब की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन समय रहते इन सभी बिंदुओं पर प्रभावी कदम उठाएगा, जिससे बुंदेलखंड के इस गौरवशाली उत्सव को सभी नागरिक पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मना सकें।
मुख्य बिंदु (Quick Highlights):
अवधि: 11 अक्टूबर से शुरू, 20 अक्टूबर को विसर्जन।
प्रतिनिधिमंडल: प्रमुख संरक्षक पूर्व विधायक राजकुमार शिवहरे, अध्यक्ष अमित सेठ भोलू, महामंत्री कल्लू सिंह राजपूत।
प्रमुख मांगें: 10 दिन निर्बाध बिजली-पानी, सुबह 3 बजे से महिला पुलिस गश्त, केन घाट पर हाइड्रा व जल पुलिस, मांस-मदिरा की दुकानों पर रोक।
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