स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और बदहाली के खिलाफ जदयू का हल्ला बोल, आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी
स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और बदहाली के खिलाफ जदयू का हल्ला बोल, आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी

बांदा: स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और बदहाली के खिलाफ जदयू का हल्ला बोल, आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी
योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी बांदा 
बांदा जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ताहाल स्थिति और व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को लेकर जदयू कार्यकर्ताओं ने चित्रकूटधाम मण्डल के आयुक्त को 15 सूत्रीय माँगों का एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है।
आंदोलन और ज्ञापन
जदयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी श्रीमती शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में बांदा के अशोक लाट पर यह आमरण अनशन 21 तारीख से चल रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष पिंकी प्रजापति के नेतृत्व में लगभग सौ कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
प्रमुख आरोप और माँगें
बांदा जनपद में 300 बेड का मंडलीय अस्पताल तीन साल से बनकर तैयार है, लेकिन इसे अभी तक चालू नहीं किया गया है। इसके अलावा, अस्पताल के लिए लाया गया आधा सामान चोरी भी हो चुका है।
जिले के सीएमओ (CMO) के संरक्षण में स्वास्थ्य विभाग में एक सिंडिकेट और रैकेट काम कर रहा है।
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को अस्पताल के बाहर की दवाइयां लिखते हैं। निजी कंपनियों द्वारा मोटा लाभ दिए जाने के कारण ये पर्चे लिखे जा रहे हैं। दवाइयों का विरोध करने पर मरीजों के साथ मारपीट की जाती है।
गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के लिए अस्पताल में 2000 रुपये की अवैध वसूली की जाती है। पैसे न देने पर महिलाओं को खून की कमी बताकर जबरन सीजेरियन (ऑपरेशन) करने की धमकी दी जाती है।
मेडिकल कॉलेज में रोस्टर ड्यूटी पर तैनात कुछ नर्सें (जैसे साजिआ बेगम और सावित्री यादव) ड्यूटी पर नहीं आती हैं और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
जिले में बिना मानक और बिना लाइसेंस के कई पैथोलॉजी, क्लीनिक और नर्सिंग होम खुलेआम संचालित किए जा रहे हैं।
अनशन पर बैठी महिलाओं को डरा-धमका कर एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया जा रहा है।
प्रशासन का रवैया और चेतावनी
जदयू नेताओं का कहना है कि अनशन के चार दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने घोर संवेदनहीनता दिखाई है। अनशनकारियों के पास अब तक केवल सिटी मजिस्ट्रेट ने आकर मौखिक रूप से आश्वासन दिया है। हालांकि, ज्ञापन सौंपने के बाद मंडलायुक्त ने मामले की जाँच कराने का आश्वासन जरूर दिया है।
जदयू ने माँग की है कि भ्रष्टाचार के इन गंभीर मामलों की जाँच किसी अन्य जनपद की निष्पक्ष टीम से कराई जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो इस आंदोलन को और तेज करते हुए बांदा से लेकर लखनऊ तक ले जाया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष उमा कांत सविता, जिला अध्यक्ष जुगुल पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवींद्र नाथ गुप्ता, सद्दाम हुसैन, गरिमा सिंह पटेल समेत लगभग दो सौ लोग मौजूद रहे।
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