स्वास्थ्य विभाग की बदहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ जदयू का हल्ला बोल ।
स्वास्थ्य विभाग की बदहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ जदयू का हल्ला बोल ।

बांदा: स्वास्थ्य विभाग की बदहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ जदयू का हल्ला बोल ।
योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी बांदा 
अशोक लाट पर जदयू प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू ।
300 बेड का अस्पताल चालू करने और मेडिकल कॉलेज में अनियमितताओं की जांच की मांग ।
मुख्य समाचार:
बांदा में स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को अशोक लाट में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस अनशन का नेतृत्व जदयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल कर रही हैं।
अनशनकारियों ने प्रशासन के समक्ष स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए 15 सूत्रीय मांगें रखी हैं। मीडिया को संबोधित करते हुए शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था बिल्कुल बदहाल है और उनके पास इन अनियमितताओं के सभी सबूत और कागजात मौजूद हैं।
अनशनकारियों के मुख्य आरोप और मांगें:
मंडलीय अस्पताल: 300 बेड का मंडलीय अस्पताल पिछले तीन साल से बनकर तैयार है, लेकिन इसे अभी तक चालू नहीं किया गया है, जिसे तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।
ट्रॉमा सेंटर की स्थिति: ट्रॉमा सेंटर बहुत छोटा है, जहां मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत होती है, स्ट्रेचर नहीं मिलते और मरीजों को जमीन पर लेटना पड़ता है।
बाहरी दवाएं और वसूली: रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीजों से कथित अवैध वसूली की जा रही है और बाहर की दवाइयां लिखी जा रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कर्मचारियों की ड्यूटी में लापरवाही: मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की ड्यूटी में अनियमितताएं हैं; जैसे पांच साल से बंद पड़े बच्चा वार्ड में और ऑक्सीजन प्लांट में नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है।
मेट्रन का पद: जूनियर कर्मचारियों को मेट्रन का प्रभार दिया गया है, जबकि योग्य और वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर को यह दायित्व दिया जाना चाहिए।
कर्मचारियों का शोषण: बायोमैट्रिक उपस्थिति और रोस्टर में कथित अनियमितताओं की जांच हो, कर्मचारियों पर दबाव व धमकियों पर रोक लगे, और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से अतिरिक्त ड्यूटी लेना बंद हो।
स्थानांतरण नीति: वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमानुसार स्थानांतरण नीति लागू की जाए।
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र: नरैनी, बबेरू, कमासिन, अतर्रा, तिंदवारी, जसपुरा आदि स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए।
शालिनी सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल से शिकायत करने के बावजूद इन समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अनशन के प्रथम दिन जदयू जिलाध्यक्ष जुगुल पटेल, संतोष अकेला, बिहारी लाल, सद्दाम, रवीन्द्र नाथ सहित कई कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक समर्थन में मौजूद रहे। शालिनी सिंह पटेल ने चेतावनी दी है कि जब तक जनहित की इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आमरण अनशन जारी रहेगा।
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