बारिश ने धोए नगर पालिका के दावे, चोक हुए नाले और घरों में घुसा पानी; लोगों ने की जांच की मांग
बारिश ने धोए नगर पालिका के दावे, चोक हुए नाले और घरों में घुसा पानी; लोगों ने की जांच की मांग

बांदा: बारिश ने धोए नगर पालिका के दावे, चोक हुए नाले और घरों में घुसा पानी; लोगों ने की जांच की मांग
बांदा। योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी
जिले में हुई बारिश ने एक बार फिर नगर पालिका प्रशासन के उन तमाम दावों की हवा निकाल दी है, जिनमें जलभराव की समस्या से निपटने की बात कही गई थी। बारिश होते ही शहर के कई प्रमुख इलाकों में पानी भर गया और हालात इतने बदतर हो गए कि सड़कों का गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया।
नाले-नालियां चोक, कई इलाके जलमग्न
जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने और समय पर सफाई न होने के कारण शहर के नाले और नालियां पूरी तरह से चोक हो गए हैं। इसका सीधा असर शहर के आजाद नगर, सेडू तलैया, शंकर नगर और लोहिया पुल समेत कई इलाकों में देखने को मिला। यहां भारी जलभराव के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
इस स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। नागरिकों का सीधा आरोप है कि नगर पालिका ने जलभराव से निजात दिलाने के नाम पर सरकारी खजाने से भारी भरकम रकम खर्च की है। जल निकासी के लिए बड़े-बड़े पंप भी लगाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि समस्या जस की तस बनी हुई है।
उठी निष्पक्ष जांच की मांग
आक्रोशित लोगों ने नाले-नालियों की सफाई और पानी निकासी के इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले और खर्च किए गए सरकारी धन की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
अब प्रशासन के रुख का इंतजार
बारिश के बाद बने इन हालातों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनता की इस परेशानी और नगर पालिका की लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
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