मानसिक प्रताड़ना देने और गलत आरोप लगाने पर वरिष्ठ सहायक ने अधीक्षण अभियंता से मांगा जवाब
मानसिक प्रताड़ना देने और गलत आरोप लगाने पर वरिष्ठ सहायक ने अधीक्षण अभियंता से मांगा जवाब

*मानसिक प्रताड़ना देने और गलत आरोप लगाने पर वरिष्ठ सहायक ने अधीक्षण अभियंता से मांगा जवाब*
*आरोपों का दो दिन में साक्ष्य न देने पर न्यायालय की लेंगे शरण*
सुलतानपुर: अधीक्षण अभियन्ता/अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई खण्ड सुलतानपुर राम प्रकाश प्रजापति पर उनके ही अधीनस्थ वरिष्ठ सहायक सै मो हैदर रिजवी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मनगढ़न्त एवं मिथ्या आरोप लगाने के सम्बंध में सभी आरोपो के साक्ष्य दो दिवस में हस्तगत कराने की बात कही है। अधीक्षण अभियंता ने आरोप लगाया है कि संतोष कुमार, अधिशासी अभियन्ता ने दिनांक 18 मार्च 2024 को आपके कार्यालय में आकर बैंक डेट में चार्ज लेने का दबाव बनाया जिसमें वरिष्ठ सहायक द्वारा भी आप पर दबाव बनाया गया तो उससे सम्बन्धित साक्ष्य दें। वरिष्ठ सहायक ने इसे पूर्णतया असत्य एवं निराधार बताया है जो कि अधीक्षण अभियंता की मानसिक विक्षिप्ता को दर्शाने का आरोप लगाया है। वरिष्ठ सहायक सै मो हैदर रिजवी ने बताया है कि संतोष कुमार , अधिशासी अभियन्ता ने दिनांक 16 मार्च 2024 को पूर्वान्ह में कार्यभार ग्रहण किया और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अधिशासी अभियन्ता कक्ष में मुलाकात की जिसमें चपरासी सुशीला द्वारा अवगत कराने पर उक्त कक्ष में मुलाकात की। जहाँ पर खण्ड के सहायक अभियन्ता द्वितीय नितीश चित्रांश, बड़े बाबू मो० शकील, आशुलिपिक योगेश शुक्ला, वरिष्ठ सहायक दिनेश यादव एवं मुख्यालय जे०ई० आदर्श गुप्ता मौजूद थे और बाद में पंकज यादव, गोविन्द कुमार एवं सर्वेश शर्मा, अवर अभियन्तागण एवं प्रारूपकार पवन श्रीवास्तव ने भी अधिशासी अभियन्ता से मुलाकात की। उसके बाद संतोष कुमार के मौखिक आदेश पर उनके साथ दिनांक 16 मार्च 2024 को कोषागार कार्यालय में मुख्य कोषाधिकारी महोदय, सुलतानपुर से भी मुलाकात करने गया। वरिष्ठ सहायक ने आरोप लगाया है कि अधीक्षण अभियंता राम प्रकाश प्रजापति द्वारा लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा है जिसके उदाहरण के लिए इनके द्वारा बार-बार 1 वर्ष के अन्दर मेरा पटल परिवर्तन करना है तथा माह जुलाई, 2023 से आज तक कम वेतन दिया जा रहा है एवं पी०एम०ए० भी अभी तक नहीं दिया गया। वरिष्ठ सहायक सै मो हैदर रिजवी ने विनम्रतापूर्वक अधीक्षण अभियन्ता से सम्बंधित आरोपो के सभी साक्ष्य मांगे हैं साक्ष्य नहीं मिलने पर मानसिक प्रताणना देने के लिए न्यायालय की शरण में जाने के बाध्य होने की बात कही है और जिसका सम्पूर्ण दायित्व अधीक्षण अभियंता की होगी।

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