बाढ़ पीड़ित लोग दाने दाने को है मोहताज।घर का चूल्हा चौकी हुआ बंद।बाढ़ पीड़ित हलकान परेसान।स्थानीय जनप्रतिनिधि बाढ़ पीड़ित लोगों को नाव से जाकर बांट रहे है खाने पीने का समान।
बाढ़ पीड़ित लोग दाने दाने को है मोहताज।घर का चूल्हा चौकी हुआ बंद।बाढ़ पीड़ित हलकान परेसान।स्थानीय जनप्रतिनिधि बाढ़ पीड़ित लोगों को नाव से जाकर बांट रहे है खाने पीने का समान।

*संवाददाता :-* विकास कुमार सहरसा (बिहार)।
*स्टोरी :-* बाढ़ पीड़ित लोग दाने दाने को है मोहताज।घर का चूल्हा चौकी हुआ बंद।बाढ़ पीड़ित हलकान परेसान।स्थानीय जनप्रतिनिधि बाढ़ पीड़ित लोगों को नाव से जाकर बांट रहे है खाने पीने का समान।
*एंकर :-* सहरसा जिले के महिषी प्रखंड अंतर्गत तकरीबन आधे दर्जन से ऊपर पंचायत भेलाही, घुँघयपुर, वीरगांव, बघवा, मनोवर, बाढ़ प्रभावित है।कोशी नदी का पानी घुसने से लोगों के घर घर में पानी लगा हुआ है जिससे लोगो का चूल्हा बंद हो गया।लोग दाने दाने को है मोहताज है।वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि के द्वारा नाव से खाने पीने का सामान बाढ़ पीड़ितों के बीच बांटा जा रहा हैं लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा अभीतक कोई बाढ़ पीड़ितों के लिए खाने पीने की मुक्कमल व्यवस्था की गई है।तस्वीर के माध्यम से देखा जा सकता है कि कैसे स्थानीय जनप्रतिनिधि लोग नाव से जाकर बाढ़ पीड़ितों के बीच खाने पीने का समान पहुंचा रहे हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधि गौतम सिंह की माने तो ये महिषी प्रखंड अंतर्गत वीरगांव पंचायत है ।अभी हमलोग तीन चार गांव भ्रमण किये हैं।लगभग 50 से 60 घरों में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री देकर आये है।जिसमे खाने पीने के समान में चुरा, शक्कड़,मैगी,दालमोट,बिस्किट ,मोमबत्ती ,और सलाई दिए हैं।उन्होंने ये भी बताया कि पानी की अगर बात करें तो पंचायत में 100 घरों में पानी घुसा हुआ है।
वहीं उप मुखिया मदन राय की माने तो पानी की अगर बात करें तो पानी अभी काफी घरों में है।अभी हमलोग तकरीबन 50 से 60 घरों में राहत सामग्री बांट कर आये हैं।और आगे भी देने की तैयारी की जा रही है।गौतम सिंह के द्वारा अपनी निजी फंड से।उन्होंने ये भी कहा कि प्रशासन और सरकार के द्वारा कोई भी व्यवस्था नहीं कि गयी है।अभीतक तो सब फैल है इस पंचायत के लिए।आगे क्या होगा इसका पता नही।लेकिन निजी फंड से हमलोग जहां तक बन पा रहा है वो कर रहे हैं।
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