देव द्वार काली मंदिर एवम जानकी मंदिर के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा बुद्ध और महर्षि वेद व्यास जी का पूजन किया गया
देव द्वार काली मंदिर एवम जानकी मंदिर के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा बुद्ध और महर्षि वेद व्यास जी का पूजन किया गया

*देव द्वार काली मंदिर एवम जानकी मंदिर के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा बुद्ध और महर्षि वेद व्यास जी का पूजन किया गया*
सुभाष जी पत्रकार सहरसा बिहार
सहरसा जिला के पतरघट प्रखंड के पंचायत पतरघट में
गुरु पूर्णिमा पर महर्षि वेदव्यास
गुरु पूर्णिमा से बुद्ध और वेद व्यास जी का खास संबंध है।
शास्त्रों में कहा गया है। कि गुरु बिना हम भगवान को भी नहीं पा सकते. धर्म ग्रंथों में गुरु की महीमा का बखान कई तरह से किया गया है. गुरु के सम्मान में हर साल आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु पर्व मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा ये गुरु के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन होता है क्योंकि गुरु ही शिष्य का मार्गदर्शन करते हैं और वे ही जीवन को ऊर्जामय बनाते हैं।
गुरु के बिना ज्ञान और मोक्ष दोनों ही प्राप्त करना असंभव है। गुरु पूर्णिमा पर महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था।
गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजन के लिए सुबह 05:27 बजे से सुबह 07:12 बजे तक और सुबह 08:56 बजे से सुबह 10:41 बजे तक है. उसके बाद दोपहर में 02:10 बजे से 03:54 बजे तक शुभ समय है।
गुरु पूर्णिमा को बौद्धों द्वारा गौतम बुद्ध के सम्मान में भी मनाया जाता है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों का मानना है
त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का महर्षि वेदव्यास जी की आराधना किए गए। मौके पर पहुंचे ओपी अध्यक्ष ज्ञानानंद अमरेंद्र, कमलेश कुमार, संत बाबा शिरोमणि दास, पतरघट मुखिया पति अमित कुमार समाजसेवी विजेंद्र गुप्ता, बाबा शत्रुघ्न दास, सियाराम दास, जिप सदस्य रविंद्र कुमार, पूर्व मुखिया पति वीरेंद्र यादव, रामदेव साह, बैजनाथ शाह, सहदेव राम ब्रह्मदेव सा जादू दास, सदानंद दास, नसीब, अशोक सिंह, एवं अन्य सत्संग प्रेमियों एवं श्रद्धालु गन।

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