खंड शिक्षा अधिकारी तो खंड शिक्षा अधिकारी अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भी लगे जांच की लीपा पोती में
खंड शिक्षा अधिकारी तो खंड शिक्षा अधिकारी अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भी लगे जांच की लीपा पोती में

चित्रकूट उत्तर प्रदेश न्यूज़

वाह रे शिक्षा विभाग किसी ने सही कहा है की एक झूठ छुपाने के लिये कई झूठ बोलना पडता है वही कर रहे चित्रकूट जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी पहले मऊ खंड शिक्षा अधिकारी आरोपी शिक्षक के कहने पर पत्रकार पर पैसे मांगने का झूठा आरोप अपनी पाहली रिपोर्ट में लगाते हैं जब प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया ग्राउंड जीरो से जाकर सारी सच्चाई को सबके सामने ले कर आये तब खंड शिक्षा अधिकारी मऊ द्वारा दुसरी रिपोर्ट लगाई जाती है और पैसे मागाने का आरोप दुसरी रिपोर्ट से हटा लेते हैं जो यह सिद्ध करता है की कही न कही देश के चौथे स्तंभ को नीचा दिखाने का कार्य किया गया है और एक ऐसे शिक्षक को बचाने का प्रयास किया गया जो गांव की भोली भाली जनता को झूठ बोलकर सादे कागज में दसखत करवा कर मनचाही रिपोर्ट तैयार की जोकि शिक्षक ने अपने ही हाथो रिपोर्ट तैयार कर डाली और वही रिपोर्ट जांच करता अधिकारी को पकडा दी गयी और सबसे बडी बात तो तब हुई एक जांच अधिकारी न आव देखा न ताव देखा वही रिपोर्ट अपने उच्यधिकारी को भेज दी प्रकरण अभी समाप्त नहीं हुआ की ए बी एस ए महोदय की रिपोर्ट की नकल कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उन्ही शब्दो को लिखकर रिपोर्ट लगा दिये अब सवाल यह उठता है की जिस अधिकारी से पत्रकारो को न्याय मिलने की आस थी वह अधिकारी तो खंड शिक्षा अधिकारी से भी बडे महान निकले सबसे बडी बात तो यह है की 1076 जोकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगीआदित्य नाथ जी ने इस लिये लोगो के बीच लाये हैं कि लोंगो को न्याय मिल सके लेकिन 1076 की सेवा को ऐसे ही अधिकारी बदनाम कर उत्तर प्रदेश सरकार को बदनाम करने का काम किया जा रहा है अब तो पत्रकारो को जिला अधिकारी से ही न्याय की उम्मीद लगायी जा सकती है अन्यथा के दशा में शिक्षा विभाग से न्याय मिलना तो दूर और साजिश तैयार की जा रही है पत्रकार को फसाने की अब तो पत्रकारो ने यह ठाना है की अगर जिला अधिकारी महोदय से न्याय मिलता है तो ठीक है अन्यथा मजबूरन पत्रकारो को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से मिल कर न्याय के लिये आवाज उठानी पडेगी जो की बहुत ही निंदनीय विषय होगा की एक छोटे से प्रकरण को शिक्षा विभाग के अधिकारी ही बार बार झूठी रिपोर्ट लगाकर बडा मुद्दा बनाया जा रहा है अब तो सूत्रो से यह भी जानकारी प्राप्त हो रही है कि शिक्षक भी गली गली कहता फिर रहा है की ऐसे पत्रकार हमारा कुछ नहीं विगाड पायेंगे हमने अपने विभाग के सभी अधिकारीयों को खरीद लिया है पत्रकार चाहे जो करें रिपोर्ट तो हमारा विभाग ही लगायेगा अब सवाल यह उठता है की शिक्षा विभाग के अधिकारी जानते हुये भी की शिक्षक ने विभाग के अधिकारीयों को गुमराह कर के फर्जी रिपोर्ट लगवा रहा है फिर कार्यवाही क्यूँ नहीं ये बडा सवाल कहीं सूत्र की बाते सही साबित तो नहीं हो रही यह भी एक बडा सवाल अब देखने वाली बात यह होगी की शिक्षक द्वारा अपने उच्यधिकारीयों को गुमराह कर फर्जी रिपोर्ट लगवाने के एवज में कार्यवाही करते हैं या बडा इनाम देते हैं फिर भी जोभी भी हो अगर पत्रकार को न्याय नहीं मिला तो बहुत जल्द मुख्यमंत्री से मिल कर न्याय के लिये आवाज उठायेगे पत्रकार अजय शुक्ला द्वारा जानकारी प्राप्त
मंडल प्रभारी गंगा प्रसाद करवरिया
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