
रिर्पोट- ललन कुमार सहरसा बिहार
एंकर- बिहार के सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड अंतर्गत शुक्रवार को महर्षि मेंही योगाआश्रम बैजनाथपुर में नौ दिवसीय ध्यान साधना शिविर संध्याकालिन समापन की गई। आर्चाय महर्षि योगानंद परमहंस जी महाराज के 63वीं जन्म दिवस पर दर्जनों साधु महात्माओ एवं सत्संग प्रेमियों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। आर्चाय महर्षि योगानंद जी महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि परमात्मा की भक्ति से ही शांति मिलती है। मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए गुरू भक्ति ही एक मात्र रास्ता हैं। परमात्मा की भक्ति के लिए अन्यत्र जाना नहीं पड़ता है। बस वहां तक जाने के लिए ही अपने अंतर आत्मा में झांकने का मार्ग बताया गया है। कहां कि इसकी युक्ति सिर्फ सतगुरु ही जानते हैं। उनसे युक्ति लेकर अपने अंदर में ही भजन ध्यान साधना का मार्ग बताया गया। झूठ, चोरी ,नशा, हिंसा इन पांचो पापों से अलग होकर ही भक्ति में ही अग्रसर हो सकेंगे। प्रवचन दौरान श्रोता भक्त जन बाबा के दर्शन एवं अमृत वाणी सुनने के लिए अधीर नजर आए। कहां कि मनुष्य का शरीर बार बार नहीं मिलता है। इस लिए उसे ज्ञान योग्य युक्त भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए,ताकि सुख दुखात्मक बंधनों से मुक्ति होकर जन्म मरण के चक्र से परे परमात्मा में विलीन हो सके। मौके पर स्वामी चंद्रानंद ऊर्फ रामचन्द्र जी महाराज, स्वामी दिनेशानंद जी महाराज, स्वामी गुरु प्रसाद बाबा ,शिवानंद सुमन, पंकज बाबा, मनीष बाबा, समाज सेवी रमेश कुमार यादव, कांप पश्चिमी पंचायत के पूर्व मुखिया अनमोल भगत, संजय रजक समेत अन्य मौजूद थे।

Subscribe to my channel


