फिरोजाबाद पारसनाथ मंदिर में बह रही ज्ञान की गंगा
पारसनाथ मंदिर में बह रही ज्ञान की गंगा

पंडित श्याम शर्मा मंडल प्रभारी
पारसनाथ मंदिर में बह रही ज्ञान की गंगा, सुबह प्रवचन के दौरान मुनि श्री 108 हेमदत्त सागर महाराज जी ने कहा कि बुरी आदत जिसको हम छोड़ना नहीं चाहते उसे कहते है व्यसन कहते है व्यसन को हम छोड़ने की कोशिश नहीं करते है , शाधु का मन वहां एकाग्रता में लगता है जहां कोई आता जाता है, इसलिए अपने जीवन में ऐसे विचार कीजिए कि आप में कोई व्यशन न लगे , इसलिए जीवन में व्यशन से बचना है, कभी बच्चो से सिगरेट मत मगाओ , मुनि श्री 108 शिवदत्त सागर महाराज जी ने कहा किजो आदत तुम अपने लिए नहीं चाहते हो तो वो गलत आदत उनके सामने मत करो जिसमें उनमें उस बुरी आदत का जन्म हो , बच्चो के सामने कभी मत लड़ो, कभी गलत कार्य मत करो क्युकी बच्चे बंदर जैसी प्रवत्ति होती है जैसा देखते है वैसा ही करते है , बुरी आदत से बचना है तो बुरी संगति को छोड़िए, बच्चो पर निगाह रखिए , रोटी की भूक इंसान को मार देती है बेटी का त्रियाचरित्र खानदान को मार देता है, अगर बेटी धार्मिक है तो वो जहां जाएगी वहां स्वर्ग का बास होता है, बेटी को वैसे हीरे की संज्ञा दी गई है जो घर में रहे व्यवस्थित रहे तो घर रोशनी से परिपूर्ण रहता है , इसलिए अच्छे लोगो की संगति हमेशा करो , अच्छे लोगो में बच्चो को विठाओ, व्यशन वो है जहां कम पैसा लगाकर ज्यादा पाने की इच्छा रहती है और लालच की पराकाष्ठा होती है वो व्यशन ही है जिसमें दाव खेल है आदमी को कष्ठ हो रहा है वो व्यशन ही है, गरीब होना बुरी बात नहीं है भगवान मेरा आपसे और धर्म से मेरा वास्ता कभी नहीं छूटे, कभी भी बच्चे को डाटना नहीं चाहिए संस्कार अच्छे दो बच्चो में, कभी किसी से अपेक्षा मत करना कभी किसी को दुख मत देना , अच्छे कार्य करो हमेशा , कोई परमात्मा के लिए पागल है कोई पत्नी के लिए पागल है कोई भगवान की भक्ति के लिए पागल है पर हमें परमात्मा में लीन रहने के लिए पागल होना चाहिए, आदमी की कीमत अपने गुणों से होती है अवगुणों से आदमी सिर्फ जिल्लत ही पाता है इसलिए अवगुणों को त्यागकर धर्म की तरफ अग्रसर होना चाहिए, आपको व्यशन से बचना है आमदनी कम खर्चा ज्यादा लक्षण है मिट जाने के , कुवत कम है फिर भी भिड़ जाते हो लक्षण है पिट जाने के , इसलिए हमेशा शालीनता से जीवन को प्रथम बनाइए , जीवन को धर्म की रक्षा और अपनी आत्मा की शुद्धि में लगाइए जिससे जीवन का उद्धार हो सके शौक से बचो तो आप व्यशन से बच सकते हो , माता पिता का आदर कीजिए क्युकी पहले गुरु वो ही है , सभी व्यशन को त्याग दो जीवन में अलग ही निखार आ जाएगा , शेयर मार्केट भी जुआ ही है शराब, चोरी, परि स्त्री भोग, जुआ, मांस, आदि व्यशनो को जीवन में आने ही मत दो, इस मौके पर ब्रज क्षेत्र सह प्रभारी भाजपा सचिन जैन, चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष डॉ शैलेन्द्र जैन, अनिल जैन राजू, कमलेश जैन, सुमन गुरुजी, संदीप जैन, शैलेश जैन, नरेंद्र जैन, गोलू, गोपाल, प्रखर निखिल समस्त जैन समाज मौजूद रहीं

Subscribe to my channel



