बाँदा ग्राम प्रधान व सचिव ने कागजों में विकास दिखा किया लाखों का भ्रष्टाचार

योगेंद्र प्रताप सिंह ब्यूरो चीफ


प्रदेश सरकार में पिछले चार सालों में गांवों में बहुत विकास हुआ। कच्ची सड़कें गायब हो गईं और गांवों में सीसीटीवी कैमरे भी लग गए। विकास हुआ तो भ्रष्टाचार भी खूब हुआ। विकास और भ्रष्टाचार का पहिया साथ-साथ घूमा। भ्रष्टाचार करने में लगातार प्रधानों के अधिकार सीज होते रहे।लेकिन भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा।ताजा मामला ग्राम पंचायतचंदौर का है।
बाँदा जनपद के बदौसा थानांतर्गत के ग्राम पंचायत चंदौर में विकास कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार हुआ।ग्रामीणों की शिकायत के बाद जब स्थानीय प्रशासन द्वारा जांच हुई तो भ्र्ष्टाचार का खेल उजागर हुआ।
ग्राम पंचायत इंदौर में विकास के नाम पर छलावा हुआ है। इसकी सच्चाई ग्रामीणों की शिकायत पर जांच में उजागर हुई है। जांच जिलापूर्ति अधिकारी व ए ई लघु डाल नहर ने की थी।जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई है डीएम ने आदेशित किया है कि पूर्व प्रधान अपना पक्ष वीडियो को दें पक्ष संतोषजनक न होने पर पंचायती राज अधिनियम की धारा 27 (1) के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
गांव निवासी मलखान बद्री आदि ने विकास कार्यों में अनियमितता और छलावा होने की शिकायत की थी गांव में विकास कार्यों में हुए भ्रष्टाचार को लेकर लगातार अधिकारियों के यहाँ चक्कर लगा रहे थे।ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी से शिकायत की गई , जिस पर दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। जिसमें जिला पूर्ति अधिकारी और ए ई लघु डाल नहर को रखा गया था। कमेटी की जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत के पुरवा सिरसौरा में स्ट्रीट लाइट लगाई ही नहीं गई। फूलचंद के मकान के सामने बने कुँए का जीर्णोद्धार नहीं कराया गया। हीरालाल यादव के मकान तक खरंजा कार्य मिला लेकिन नाली का निर्माण नहीं कराया गया था। रामहित के दरवाजे रामराजे के घर तक सीसी रोड का निर्माण नहीं हुआ, पूर्व माध्यमिक विद्यालय चंदौर में शौचालय का जीणोद्धार कार्य नहीं हुआ, ग्राम पंचायत भवन सिरसौना में 1995 के बाद से अब तक कभी भी जीणोद्धार का कार्य नहीं कराया गया। ग्राम सिरसौना में मंगू के घर से भोला के घर तक सीसी रोड निर्माण भी नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय और पूर्व माध्यमिक विद्यालय गर्गपुर में अलग-अलग दर्शाते हुए शौचालय मरम्मत का कार्य दर्शाया गया था। यह विद्यालय कंपोजिट है, शौचालय मरम्मत का कोई काम भी नहीं हुआ है।यहां की बाउंड्री वाल का निर्माण होना बताया गया था।बाउन्ड्री वाल टूटी मिली जिसका कभी निर्माण कार्य नहीं हुआ। जांच में साफ है कि ग्राम पंचायत चंदौर में विकास कार्यों के नाम पर गंभीर अनियमितता बरती गई है। शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया है।

Subscribe to my channel
