NHM कर्मचारियों का हल्ला बोल, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग को लेकर CMO को सौंपा ज्ञापन; दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
NHM कर्मचारियों का हल्ला बोल, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग को लेकर CMO को सौंपा ज्ञापन; दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

बांदा: योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी
NHM कर्मचारियों का हल्ला बोल, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग को लेकर CMO को सौंपा ज्ञापन; दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
बांदा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संघर्ष समिति के नेतृत्व में NHM कार्मिकों ने बांदा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पहुंचकर डॉ. विजेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे लंबे समय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सेवा-सुरक्षा और वेतन संबंधी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है।
क्या हैं NHM कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
कर्मचारियों ने अपने ज्ञापन के माध्यम से शासन के सामने मुख्य रूप से 5 सूत्रीय मांगें रखी हैं:
समान कार्य, समान वेतन: सभी कर्मचारियों के लिए ‘समान वेतन समान कार्य’ का नियम लागू हो और न्यूनतम वेतन ₹18,000 निर्धारित किया जाए।
नियमितीकरण: लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत NHM कार्मिकों को नियमित किया जाए।
स्थानांतरण नीति: रिक्त पदों पर कर्मचारियों के स्थानांतरण की उचित व्यवस्था लागू हो।
सामाजिक सुरक्षा: सभी कार्मिकों को EPF, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए।
समायोजन: आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे कर्मियों का सेवा निगम या DHS (District Health Society) में समायोजन किया जाए।
मांगें न मानने पर यह है आंदोलन की रूपरेखा
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शासन स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करेंगे।
29-30 सितंबर: जनपद स्तर पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपना।
1 अक्टूबर: डिजिटल स्ट्राइक और काली पट्टी बांधकर कार्य का बहिष्कार/विरोध।
5 से 7 अक्टूबर: मांगों के समर्थन में लगातार प्रदर्शन।
8 अक्टूबर: ‘लखनऊ चलो’ अभियान के तहत राजधानी में बड़ा प्रदर्शन।
ज्ञापन कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख मौजूदगी
CMO को ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश मंत्री लवलेश यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी हिमांशु श्रीवास्तव और मंडल अध्यक्ष राजेश यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला महामंत्री श्रीकांत, ब्लॉक अध्यक्ष बिषंडा सुजान सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष बबेरू राहुल, ब्लॉक अध्यक्ष नरैनी प्रियंका श्रीवास्तव के साथ-साथ बड़ी संख्या में ANM और NHM कर्मचारी (बंदना, पूनम, माधुरी, संस्कार, अनिल, सुनीता, संगीता, प्रीति आदि) मौजूद रहे।
संघर्ष समिति ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से आग्रह किया है कि वे कर्मचारियों की इन वाजिब मांगों को शासन तक प्रभावी रूप से पहुंचाएं ताकि स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान हो सके।
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