सहरसा मॉडल अस्पताल में सेंट्रलाइज एसी 5 दिन से बंद। पटना से बुलाए जा रहे टेक्नीशियन
सहरसा मॉडल अस्पताल में सेंट्रलाइज एसी 5 दिन से बंद। पटना से बुलाए जा रहे टेक्नीशियन

*संवाददाता :-* विकास कुमार सहरसा (बिहार)।
*स्टोरी :-* सहरसा मॉडल अस्पताल में सेंट्रलाइज एसी 5 दिन से बंद। पटना से बुलाए जा रहे टेक्नीशियन।विधायक बोले-पेशेंट को प्राइवेट अस्पताल शिफ्ट करने का उपाय।
*एंकर :-* बिहार के सहरसा जिले से खबर निकल कर सामने आ रही है जहां सहरसा का मॉडल अस्पताल का बुरा हाल हो गया है।जबकि इस मॉडल अस्पताल का उद्घाटन बीते 8 महीने पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने विधिवत उद्घाटन किया था।उद्घाटन के मात्र आठ महीने के बाद ही महिला वार्ड का सेंट्रलाइज ऐसी काम करना बंद कर दिया है।ऐसी के बंद होने से भर्ती मरीज गर्मी से हलकान परेसान है।गर्मी से नजात पाने के लिए सभी मरीज या तो हैंड फैन का उपयोग कर रहे हैं या अपने घर से टेबल फैन मंगाकर इस महिला वार्ड में उपयोग करते दिख रहे हैं।
वहीं गर्मी से परेसान मरीज के परिजन की माने तो इस वार्ड में आज 5 दिनों से ऐसी खराब है और इसमें हवा का भी कोई गुंजाइश नहीं है।देख रहे हैं कि घर से पंखा लेकर आये हैं घर नजदीक में है इसलिए नहीं तो अगर घर दूर में रहता तो तो कैसे पंखा लेकर आते।गर्मी से परेसान है।मजबूरी में कूट का पंखा भी 25 रुपया में खरीदे हैं उसी से काम कर रहे हैं।आपातकालीन काउंटर पर शिकायत दर्ज किए जो ऐसी काम नहीं कर रहा है।तो जबाब दिया गया कि हमलोगों को मालूम नहीं है कब से ऐसी खराब है।वैसे पटना से टेक्नीशियन आएगा तब ठीक हो जाएगा।
वहीं भर्ती मरीज करुणा कुमारी की माने तो ऐसी खराब है इस वार्ड का।ऐसी खराब होने से बहुत गर्मी लग रहा है।हैंड फैन से काम चला रहे हैं।
वहीं अस्पताल प्रबंधक शिम्पी ने सेंट्ररलाइज ऐसी के 5 दिनों से खराब होने के मामले को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हमें भी जानकारी मिली है कि दो दिनों से ऐसी खराब है।टेक्नीशियन को पटना फोन किया गया है ।विष्वकर्मा पूजा को लेकर वो नहीं आया है।आज साम तक टेक्नीशियन की पहुंचने की उमीद है।टेक्नीशियन आने के बाद ऐसी को ठीक करवा दिया जाएगा।
वहीं पूर्व मंत्री सह बीजेपी विधायक नीरज कुमार बबलू की माने तो पूरा सहरसा नर्क में तब्दील हो चुका है।
अस्पताल पर तो किसीका ध्यान ही नहीं है।अस्पताल में दलालों का अड्डा बन गया है।दलाल वहां लगा रहता है किस मरीज को किस प्राइवेट अस्पताल ले जाना है सबका रेट खुला हुआ है। पेसेंट को डिस्टर्ब किया जाता है ऐसी बंद करके डॉ को भेजकर के वहां से पेसेंट को उठाकर प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करवाया जाता है।ये रैकेट चल रहा है सदर अस्पताल में,इसपर ध्यान देने की आवश्यकता है
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