सहरसा बिहार बीएनएम विश्वविद्यालय का पहला महाविद्यालय बनेगा एमएचएम महाविद्यालय सोनवर्षा राज
बीएनएम विश्वविद्यालय का पहला महाविद्यालय बनेगा एमएचएम महाविद्यालय सोनवर्षा राज

रिपोर्ट विकास कुमार सहरसा बिहार

बीएनएम विश्वविद्यालय का पहला महाविद्यालय बनेगा एमएचएम महाविद्यालय सोनवर्षा राज
– जल्द शुरू होगा शारीरिक शिक्षा और योग शिक्षा की पढ़ाई
– एमए , एमएससी और बीसीए की पढ़ाई शुरू होने की मिली हरी झंडी
– विश्वविद्यालय की 9 सदस्यीय टीम ने किया जांच
– सब कुछ मिला दुरुस्त
– जल्द दी जाएगी अनुमति
– कई विषयों में बीए और बीकॉम की पढ़ाई के भेजे जाएंगे प्रस्ताव
फोटो – महाविद्यालय की जांच करते विश्वविद्यालय से पहुंची टीम
*सहरसा :-* जिले के लिए खुशखबरी है। जल्द ही जिले के सोनवर्षा राज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत एमएचएम महाविद्यालय भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय का पहला शारीरिक शिक्षा और योग शिक्षा की पढ़ाई देने वाला महाविद्यालय बनने जा रहा है। जहां शारीरिक शिक्षा और योग शिक्षा से छात्र बीए की डिग्री ले सकते है। उक्त विषय की पढ़ाई शुरू होने से एमएचएम महाविद्यालय विश्वविद्यालय का पहला महाविद्यालय बन जाएगा।
शुक्रवार को विश्वविद्यालय की 9 सदस्यीय जांच कमेटी निरीक्षण करने महाविद्यालय पहुंची थी। जहां सब कुछ दुरुस्त पाया गया।
ऐसे में विश्वविद्यालय का पहला शारीरिक शिक्षा और योग शिक्षा की पढ़ाई शुरू होने वाला महाविद्यालय बनने की उम्मीद पर मुहर लग चुकी है। जिसकी विधिवत अनुमति भी जल्द दे दी जाएगी।
साथ ही बीसीए की बहुप्रतीक्षित पढ़ाई को भी शुरू होने की हरी झंडी दे दी गई है। इतना ही नहीं एमए और एमएससी के कुछ विषयों की पढ़ाई शुरू होने को लेकर भी हरी झंडी दी गई है। इतना ही नहीं संगीत , मनोविज्ञान , भूगोल और वाणिज्य विषयों से स्नातक कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव भी भेजे जाने की बातें कही गई है।
कौन-कौन पहुंचे थे जांच में –
विश्वविद्यालय से जांच के लिए पहुंचे विश्वविद्यालय डीन (कला) डॉ उषा सिन्हा , डीन (साइंस) डॉ नवीन कुमार , प्रॉक्टर डॉ वी एन विवेका , कॉलेज इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह के अलावे डॉ गजेंद्र प्रसाद यादव , डॉ राजकुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी महाविद्यालय पहुंचे थे। जहां महाविद्यालय प्राचार्य डॉ उपेंद्र पंडित , लेखा लिपिक कुंदन कुमार सिंह , हेड क्लर्क अरुण कुमार सिंह सहित अन्य कर्मियों ने जांच टीम को महाविद्यालय की इंफ्रास्ट्रक्चर की सभी चीजों से अवगत कराया। वही शारीरिक शिक्षा और योग योग शिक्षा के लिए आवश्यक भूखंड को भी दिखाया। जबकि वर्ष 2018 से बहुप्रतीक्षित बीसीए की पढ़ाई के लिए बनाए गए लैब को भी दिखाया। महाविद्यालय की सभी व्यवस्था से जांच टीम पूरी तरह संतुष्ट दिखे।जिसके बाद जहां योग शिक्षा , शारीरिक शिक्षा और बीसीए की पढ़ाई सुनिश्चित होने की हरी झंडी मिल गई। वही कुछ विषयों में एमए और कुछ विषयों से एमएससी की पढ़ाई शुरू होने की जानकारी दी गई। साथ ही संगीत , मनोविज्ञान , भूगोल और वाणिज्य विषयों में स्नातक की पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ उपेंद्र पंडित ने बताया कि ग्रामीण इलाके में अवस्थित महाविद्यालय में योग शिक्षा , शारीरिक शिक्षा , एमए , एमएससी और बीसीए की पढ़ाई शुरू होने की जल्द अनुमति मिलने की उमीद जग गई है। छात्रों को काफी लाभ मिलेगा।
मौके पर डॉ प्रदीप राय , डॉ ओंकार मिश्र , डॉ श्याम मोहन मिश्रा , डॉ मनोज कुमार ठाकुर , डॉ शशिकांत कुमार , डॉ संजीव कुमार , डॉ निखिल कुमार , डॉ अवधेश ब्याहुत , डॉ अरूणा कुमारी , डॉ अर्जुन कुमार , डॉ नूरुद्दीन , ऋतु सिंह , रंजन सिंह , सरिता सिंह सहित अन्य मौजूद थे।

Subscribe to my channel



