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बांदा पत्रकारों ने जिला प्रशासन की अस्थियों का किया विसर्जन

पत्रकारों ने जिला प्रशासन की अस्थियों का किया विसर्जन

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ब्यूरो चीफ योगेंद्र प्रताप सिंह

*एंकर* : उत्तरप्रदेश में पत्रकारों के अधिकारों का जिला प्रशासन द्वारा लगातार हनन किया जा था है पत्रकारों की स्वतंत्रता खत्म होती नजर आ रही है जबकि उत्तरप्रदेश के मुखिया द्वारा लगातार पत्रकारों के हितों के लिए आदेश जारी किए जा रहे है उसके बावजूद जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के आदेशों को दरकिनार कर अपनी नाकामी छिपाने के लिए पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे लिख बिना जांच के जेल भेजे जाने पर आमादा है

*वियो* : बताते चले पूरा मामला उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड के बांदा जिला मुख्यालय से चंद कदम दूर अशोक लाट अनशन स्थल से सामने आया है जहा विगत दिनों पुलिस की गैरजिम्मेदार कार्यशैली और खनन माफियाओं की मिलीभगत से जेल भी गए 7 निर्दोष पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए 20 दिन से अनशन पर है और जिला प्रशाशन द्वारा संज्ञान नही लिया जा रहा है लगातार अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दे रहे और प्रदर्शन कर रहे कभी जिला प्रशासन की अर्थी निकलते तो कभी पुतला फूंकते की शायद जिला प्रशासन का उनकी समस्या का संज्ञान ले और न्यायिक जांच करे पूरे मामले की लेकिन जिला प्रशासन उनकी सुनने तो तैयार नहीं उसी क्रम में पत्रकारों ने आज जिला प्रशासन की अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम रखा जिसमें प्रशासन की अस्थियों का विसर्जन किया गया विसर्जन के दौरान पुलिस से काफी नोक झोंक भी वही एक एसआई अपनी सर्विस रिवॉल्वर बिना कवर किए अनशन स्थल से घुस गए और पत्रकारों तो डराने धमकाने लगे ।।

नैतिक रूप से मर चुके जिला प्रशासन का क्रिया कर्म पूरे विधि विधान से की जाएगी क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार में एक अच्छे संत योगी आदित्यनाथ जी का शासनकाल है इसके बाद भी पत्रकारों को प्रताड़ित किया जा रहा है फर्जी मुकदमे में जेल भेजा जा रहा है शासन प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है आखिर क्या किसी बड़े आंदोलन का इंतजार कर रहा है जिला प्रशासन ।

वही पत्रकार के के दीक्षित ने बताया की यदि जिला प्रशासन हमारी मांगे नहीं मानता और न्यायिक जांच नही होती तो आगे उग्र आंदोलन किया जा सकता जिसका जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ जिला प्रशासन होगा क्योंकि पत्रकारों में भारी आक्रोश है लगातार वो अपना परिवार घर द्वार छोड़ 20 दिन से अनशन में है आक्रोश में कुछ भी हो सकता है ।।।

*बाइट : के के दीक्षित पत्रकार*

anupam

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