सहरसा बिहार जिल्लत की जिंदगी जी रहे हैं बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग सरकार और प्रशासन आखिर क्यों है मौन
जिल्लत की जिंदगी जी रहे हैं बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग सरकार और प्रशासन आखिर क्यों है मौन

*रिपोर्ट :-* विकास कुमार सहरसा (बिहार)।
*सहरसा :-* कोसी इलाके में हर साल बाढ़ तबाही मचाती है और उस बाढ़ में ना जाने कितने लोगों का घर समा जाता है लेकिन सरकार और प्रशासन के द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में जो व्यवस्था दी जानी थी वह नजर नहीं आ रही है जिस कारण बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग आज भी जिल्लत की जिंदगी जी रहे एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए लोगों का एकमात्र सहारा नाव है और जान जोखिम में डालकर लोग उस नाव पर सफर करते हैं कई बार तो नाव दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुकी है ना जाने कितने लोगों की जान नाव दुर्घटनाग्रस्त होने से चला गया है लेकिन जो व्यवस्था उन जगहों पर होनी चाहिए वह नहीं दिख रही है लोग वर्षों से पुल और सड़क की मांग कर रहे हैं लेकिन उन लोगों की मांगे भी अब तक पूरी नहीं हो सकी यह तस्वीर सहरसा जिले के महीर्षि प्रखंड के घोघसम घाट की है जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग नाव पर जान जोखिम में डालकर एक गांव से दूसरे गांव जाते हैं कहा जाता है कि अगर कोई लोग बीमार पड़ जाए तो इसी तरह नाव पर लादकर उसे अस्पताल लाया जाता है जिस कारण कई लोगों की जान बीच समंदर के बीच ही जा चुकी है ऐसे में नाव पर सवार लोगों ने अपना दुख बयां किया है उन्होंने बताया है कि हम लोगों को देखने वाला कोई नहीं है सिर्फ चुनाव के समय में जनप्रतिनिधि वोट मांगने के लिए नेता आते हैं लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद सारा समस्या भूल जाते हैं लोगों ने बताया कि प्रतिदिन जिल्लत की जिंदगी हम लोग जीते हैं जब बाढ़ का समय आता है तब और भी मुसीबतें बढ़ जाती है घर से निकलना दुश्वार हो जाता है लेकिन सरकार कान में तेल डाल कर सोई हुई है प्रशासन की भी कोई व्यवस्था इस इलाके में नहीं दिख रही है अब देखना लाजमी होगा कि आखिरकार सरकार और प्रशासन की नींद कब तक खुलती है और कब बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुविधा मुहैया कराया जाता है ।
Subscribe to my channel


