आगरा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 75 वें स्थापना दिवस में प्रवेश करने की हार्दिक बधाई
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 75 वें स्थापना दिवस में प्रवेश करने की हार्दिक बधाई

फोटो कैप्शन: प्रांत कार्यालय मंत्री रमन शर्मा की कलम से
आगरा (विधान केशरी)। भारत के महान एकात्म विचार को आगे बढ़ाते हुए सर्वव्यापी कार्य की बदौलत कैम्पस में हर वर्ग क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधि संगठन, कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में इसकी इकाइयां मिनी भारत की संकल्पना को चरितार्थ करती है।
अभाविप के विचार पर चलने वाले युवा अपने किताबी ज्ञान व गली मोहल्ले के दायरे से उन्मुक्त होकर देश दुनियां के बारे में अद्यतन अपडेट रहते हैं।
बून्द बून्द से घड़ा भरने की तर्ज पर युवाओं को एक एक संस्कार देकर चरित्र निर्माण करके एबीवीपी ने समाज जीवन में व्यापक साख,सम्मान,श्रद्धा एवं समर्पण प्राप्त किया है।
74 वर्ष की यात्रा किसी भी संगठन के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण होती है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सिर्फ एक छात्र संगठन ही नहीं अपितु एक वैचारिक क्रान्ति है जिसने भारतीय युवाओं में अपनी शिक्षा के साथ ही साथ समाज एवं राष्ट्र के प्रति उनके दायित्व का बोध कराया है। शिक्षा जीवन के लिए एवं जीवन वतन के लिए इस भाव को विद्यार्थी वर्ग में जगाने का कार्य अपने स्थापना काल से ही करती आ रही है। एक शैक्षणिक परिवार की अवधारणा को साकार करते हुए अपने देश, समाज के प्रति दायित्वों को भी अभाविप नें समयानुकूल बेख़ूबी निभाया है।
राष्ट्र पुनर्निर्माण की ओर बढते हुए भारत को पुनः अपने मूल रूप मातृ सत्तात्मक समाज में स्थापित करने हेतु तथा भारत की स्त्री को भय मुक्त करने हेतु अभाविप के द्वारा *मिशन साहसी* का आरम्भ किया जिसके द्वारा भारत के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों की सैंकड़ो छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।
छात्र में संवेदनशीलता हो तथा वह ग्राम्य समाज को निकट से समझने हेतु *सामाजिक अनुभूति* अभियान का आरम्भ 2016 में किया गया जिसके तहत छात्र गाँव, झुग्गी एवं बस्तियों में जा कर वहाँ के लोगों के जीवन को प्रत्यक्ष देखता है तथा वहाँ की समस्याओं से अवगत होकर उसके समाधान की ओर भी प्रयत्नशील होता है।
प्रकृति और मनुष्य के बीच सदा संतुलन बना रहे इस के द्वारा प्रकृति के लिए समर्पित एसएफडी नामक प्रकल्प की स्थापना 1980 में की गई। जिसके अंतर्गत छात्रों के हृदय में प्रकृति संरक्षण के प्रति चेतना विकसित कर नर्मदा बचाओ जैसे आंदोलनों से लेकर जलसंरक्षण, वृक्षारोपण आदि प्रकृति हित के कार्य सम्पादित हुए हैं।
इसी प्रकार से वसुधैव कुटुम्बकम् के भाव को आत्मसात कर अन्तर्राष्ट्रीय छात्रों के मध्य संवाद स्थापित करने हेतू वस्य नामक प्रकल्प की स्थापना की गई।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा को एक मंच पर लाना तथा रिसर्चर्स एवं प्रोफेशनल्स को राष्ट्रीय विषयों पर बहस एवं समस्याओं के समाधान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए थिंक इंडिया नामक प्रकल्प आज महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
चिकित्सा के क्षेत्र में मेडिकल एवं डेंटल छात्रों की समस्याओं के समाधान हेतु तथा उन छात्रों की पुस्तकीय ज्ञान से इतर समाज में सक्रिय भूमिका हो इस हेतु मेडिविशन नामक एक अन्य प्रकल्प आज समाज में कार्यरत है।
भारत की विविधता के वैशिष्ट्य को सहेजने का प्रयास कलाकारों एवं कला प्रेमियों के माध्यम से हो इस हेतु *राष्ट्रीय कला मंच* नामक प्रकल्प की तथा पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र अन्य राज्यों से जुड सके तथा अन्य राज्यों के छात्रों को पूर्वोत्तर राज्यों से जोडते हुए भारत की सांस्कृतिक एकता को महसूस कर सकें इस हेतु अन्तर्राज्य छात्र जीवन दर्शन नामक प्रकल्प की स्थापना की गई है।
द्वापर युग एवं त्रेता युग से ही प्रसिद्ध है कि जब भी कोई दैवीय कार्य में प्रवृत्त होता है तो सभी असुर शक्तियाँ उनके कार्यों में बाधा पहुँचाने के लिए उपस्थित हो जाती है। उसी आसुरी प्रवृत्ति का अनुकरण आज कलियुग में भी देश विरोधी लोगों के द्वारा किया जा रहा है। अभाविप राष्ट्र कार्य करते हुए अपने दायित्व को पूरा करने में अग्रसर है तो वही दूसरी ओर देश विरोधी आसुरी प्रवृत्तियों के द्वारा बार- बार ABVP के कार्य में बाधा उत्पन्न की जाती रही है परन्तु उन बाधाओं को पीछे छोडते हुए अभाविप निरन्तर आगे बढ रही है। इस वर्ष अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने 75वा वर्ष प्रारम्भ करने जा रही है। देश में उत्पन्न चुनौतियों का समाधान बनते हुए राष्ट्र पुनर्निर्माण के अपने परम ध्येय की ओर अग्रसर रहना है।
अरविंद कुमार श्रीवास्तव रिपोर्ट आवाज इंडिया लाइव फिरोजाबाद

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