कुलाधिपति को ज्ञापन भेजा है।
कुलाधिपति को ज्ञापन भेजा है।

कुलाधिपति को ज्ञापन भेजा है।
योगेन्द्र प्रताप सिंह प्रभारी बांदा 
छात्रों का आरोप है कि पूर्व प्राचार्य डॉ. शुक्ला शासन स्तर पर अपनी पैरवी के बल पर खुद को प्राधिकार नियंत्रक नियुक्त करवाना चाहते हैं। छात्रों ने उनके कार्यकाल को विवादित बताते हुए उन पर मुख्य रूप से तीन गंभीर आरोप लगाए हैं:
कोर्स के नाम पर अवैध वसूली: O-Level कंप्यूटर कोर्स के नाम पर प्रति छात्र 1,440 रुपये की अवैध वसूली की गई। छात्रों का दावा है कि इसके एवज में न तो कोई कक्षाएं चलीं और न ही किसी छात्र को सर्टिफिकेट दिया गया।
जमीन की अवैध लीज: कॉलेज की बेशकीमती जमीन और प्राचार्य आवास को नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से लीज पर दे दिया गया।
आवास पर अवैध कब्जा: रिटायरमेंट के कई साल बीत जाने के बाद भी पूर्व प्राचार्य ने अब तक प्राचार्य आवास खाली नहीं किया है और न ही इसका कोई किराया कॉलेज प्रशासन को जमा किया है।
“भ्रष्टाचारी को कमान सौंपना बाड़ द्वारा खेत खाने जैसा”
आक्रोशित छात्रों का स्पष्ट कहना है कि भ्रष्टाचार के इतने गंभीर आरोपों से घिरे व्यक्ति को कॉलेज का प्राधिकार नियंत्रक बनाना “बाड़ द्वारा ही खेत खाने” जैसा होगा। उन्होंने मांग की है कि कॉलेज की गरिमा और व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए किसी रिटायर्ड जज या निष्पक्ष शिक्षाविद को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
छात्र संघ संघर्ष समिति ने अपने ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति और जिलाधिकारी को भी प्रेषित की हैं ताकि मामले पर तत्काल संज्ञान लिया जा सके। इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में अमित यादव, शमशेर यादव, अभय राज और मृत्युंजय सहित बड़ी संख्या में छात्र शामिल रहे
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