”आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहिए”: बिसंडा में किसानों का अनिश्चितकालीन अनशन, जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग
"आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहिए": बिसंडा में किसानों का अनिश्चितकालीन अनशन, जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग

”आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहिए”: बिसंडा में किसानों का अनिश्चितकालीन अनशन, जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग
बिसंडा (बांदा): समाधान की मांग को लेकर बिसंडा बिजली घर पर किसानों का अनिश्चितकालीन अनशन दूसरे दिन भी जारी; नायब तहसीलदार को अनशनकारियों ने दिया दो टूक जवाब
बिसंडा / अतर्रा:
बबेरू और अतर्रा तहसील क्षेत्र के किसान बिजली, पानी और अन्ना मवेशियों की विकराल होती समस्याओं को लेकर बिसंडा बिजली घर परिसर में अनिश्चितकालीन अनशन पर डटे हुए हैं। आंदोलन के दूसरे दिन शुक्रवार को अतर्रा के नायब तहसीलदार मौके पर वार्ता करने पहुंचे, लेकिन अनशनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक समस्याओं का जमीनी स्तर पर स्थाई समाधान नहीं होता, तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
किसान नेताओं का कहना है कि हर बार अधिकारी केवल सांत्वना और मौखिक आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं, जिससे अब उनका भरोसा उठ चुका है।
33 केवी लाइन का काम में तेजी लाने की मांग
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी व जनसेवक पीसी पटेल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि 132 केवीए ग्रिड स्टेशन (कोर्रम) से बिसंडा बिजली घर तक निर्माणाधीन 33 हजार केवीए (33 KV) लाइन के काम में बेहद लापरवाही बरती जा रही है। यदि कार्यदायी संस्था को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का लिखित निर्देश नहीं दिया गया, तो इस क्षेत्र में किसानों की धान की फसल सूखकर बर्बाद हो जाएगी।
”जनप्रतिनिधि बड़ा दिल दिखाएं और आगे आएं”
समाजसेवी पीसी पटेल ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि वे बड़ा दिल दिखाएं और किसानों के साथ मिलकर बिजली लाइन के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण करें। जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए जनप्रतिनिधियों को खुलकर सामने आना होगा।
मौके पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद
अनशन स्थल पर किसानों का समर्थन बढ़ता जा रहा है। इस दौरान पीसी पटेल के साथ डॉ. छुट्टू, केशव प्रसाद, बृजकिशोर पटेल, मोहित, धीरेंद्र पटेल, छोटेलाल, रामबहोरी पटेल, गया प्रसाद, संतोष सिंह (ऑपरेटर), अनिल पटेल, संतोष मिश्रा, राजधर शुक्ला, विकास सिंह, अनिल राजपूत, संतोष पटेल, दिनेश मुस्तरी, भैय्यादीन, शराफत खान, विनोद विश्वकर्मा, अरुण द्विवेदी, लवकुश सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।
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