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सुपौल : दबंग ठेकेदार ग्रामीण किसानों को कर रहे परेशान। प्रशासन साधी चुप्पी।

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रिपोर्ट:-बलराम कुमार सुपौल बिहार।

एंकर:-मामला सुपौल जिला के त्रिवेणीगंज अनुमण्डलोय मुख्यालय अंतर्गत कोरियापट्टी पूर्वी पंचायत के राजगांव स्थित सुरसर नदी किनारे बसा मेहता टोला वार्ड नं0-03,के ग्रामीण किसानों की है।
ग्रामीण किसानों ने बताया की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ओम शंकर कंस्ट्रक्शन ठेकेदारों द्वारा करोड़ों की लागत से सुरसर नदी में पुल बनाई जा रही है।
वहीं बन रही पुल के बगल से होकर मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत पूर्व में हीं बना सड़क गुजर रही है।
जो मेहता टोला वार्ड नं0-03,में बसा ग्रामीण किसानों के घर तक जाती है।
जिसे दबंग ठेकेदार ओम शंकर कंस्ट्रक्शन के द्वारा सड़क पर मिट्टी डालकर करीब सौ से ज्यादा घर बसे ग्रामीण किसानों के रास्ते को बाधित कर रहे हैं।
वहीं ग्रामीणों द्वारा दबंग ठेकेदार के मुंशी से सड़क बाधित के बारे कहा जाता है तो उल्टे दबंग ठेकेदार के मुंशी द्वारा ग्रामीण किसानों को झूठे रंगदारी या अन्य मुकदमा में फंसा देने का धमकी देकर भगा देते हैं।
जिससे लाचार ग्रामीण किसान डरे सहमे हुए हैं।
वहीं ग्रामीण किसानों के द्वारा कई पदाधिकारियों को आवेदन भी दे चुका है।
लेकिन आज तक एक भी पदाधिकारी आकर ग्रामिण किसानों का बाधित सड़क को खाली नहीं करवाया है।
नाहीं कोई पदाधिकारी अबतक हाल चाल पूछने आया है।
साथ हीं ग्रामीणों ने ये भी बताया की अभी खेती का समय है।
सड़क बाधित रहने से हम ग्रामीण किसान अनाज भी नहीं बेच सकते हैं।
साइकिल पर भी अनाज या अन्य सामान ले जाने में परेशानी होती है।
साथ हीं ये भी बताया कि सड़क बाधित रहने से बीमार मरीज को कंधों पर उठा कर ले जाना पड़ता है।
वहीं दबंग ठेकेदार के मुंशी द्वारा नदी किनारे बने बांध से हीं संध्या समय JCB, मशीन से मिट्टी काटकर सड़क भराई किया जाता है।
जो खतरा बनता जा रहा है।
नदी किनारे बने बांध से मिट्टी कटने से पानी की तेज गति आने पर बसे बसाए बस्ती को खत्म कर सकता है।
जोकि सरासरी गलत है।
अब देखना लाजमी होगा की सुशासन बाबू की सरकार में हो रहे दबंग ठेकेदार के द्वारा ग्रामीण किसानों पर अत्याचार के खिलाफ कब तक सुनवाई हो पाती है।
या फिर ऐसे हीं ग्रामीण जनता के साथ अत्याचार होता रहेगा।

बाईट:-पीड़ित ग्रामीण।

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